गुजरात में गोहत्या के लिए उम्रकैद तक की सजा की खबर को आज करीब सभी अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक राज्य विधानसभा ने शुक्रवार को गुजरात पशु संरक्षण (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दे दी. इस विधेयक में गायों को वध के लिए ढोने वालों के लिए भी सजा सख्त कर दी गई है. इस जुर्म में दोषी पाए जाने पर जहां पहले तीन से सात साल की सजा का प्रावधान था वहीं अब इसे सात से 10 कर दिया गया है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) में अधिकतम आयु सीमा को हटाने की खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से छापा है.

कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश सीएस कर्णन के अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने अपनी बात पर अड़े रहे. यह खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. खबरों के मुताबिक उन्होंने कहा कि वे माफी नहीं मांगेगे और शीर्ष अदालत उन्हें जेल भेजकर दिखाए. इसके अलावा पेट्रोल की कीमत में 3.77 रुपये और डीजल में 2.91 रुपये की कटौती की खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से छापा है. नई दरें आधी रात से लागू हो गई हैं.

गुजरात : शाह आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बेदाग बताया

गुजरात सरकार ने शुक्रवार को एमबी शाह अयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश कर दी. दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक उसने इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बेदाग बताया है. नरेंद्र मोदी पर गुजरात में मुख्यमंत्री रहने के दौरान औद्योगिक समूहों को सस्ती कीमत पर जमीन देने का आरोप था. इन आरोपों की जांच के लिए शाह आयोग का गठन किया गया था. आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े 15 मामलों की ही जांच की है. दो मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं.

शाह आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नरेंद्र मोदी ने राज्य के विकास के लिए नीतियों के तहत ही फैसला लिया था. इस रिपोर्ट में नैनो प्रोजेक्ट के लिए टाटा समूह को दी गई जमीन व कर्ज के बारे में कहा गया है कि इससे पहले जनरल मोटर्स को भी ऐसा ही लाभ दिया गया था. इसके साथ आयोग ने राजधानी गांधीनगर में सात कंपनियों को सस्ते दाम पर जमीन देने का आरोप भी खारिज कर दिया है.

पार्टी सांसद मोबाइल के जरिए युवाओं के संपर्क में रहे : प्रधानमंत्री मोदी

भाजपा 2019 के चुनाव तक मोबाइल के जरिए युवाओं में अपनी पैठ बनाने की तैयारी में है. द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को झारखंड सहित छह राज्यों में पार्टी के सांसदों को इस बारे में निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि वे मोबाइल के जरिए युवाओं से जुड़े रहें. अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि प्रधानमंत्री ने 2019 में लोगों द्वारा जानकारी हासिल करने के लिए मोबाइल के सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने की बात कही है.

प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी सांसदों से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को मनरेगा से जोड़ने की भी बात कही. उनका मानना था कि इससे सिंचाई क्षेत्र को सांस्थानिक रूप दिया जा सकेगा. प्रधानमंत्री की पार्टी सांसदों के साथ इस तरह की यह आखिरी बैठक थी. इस हफ्ते उत्तर प्रदेश में पार्टी सांसदों के साथ उन्होंने इस सिलसिले की शुरुआत की थी. इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार भी मौजूद थे.

2016-17 के लिए तय किए गए सड़क निर्माण के लक्ष्य का आधा ही हासिल हुआ

मोदी सरकार बीते साल सड़क निर्माण के लिए तय किए गए लक्ष्य का आधा ही हासिल कर पाई. हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष (2016-17) में कुल 15000 किमी सड़कें बनाने की बात कही थी लेकिन, केवल 8200 किमी का ही निर्माण हो पाया. यानी वह रोजाना 22 किमी लंबी सड़कें ही बना पाई जबकि लक्ष्य 41 किमी का था.

अखबार के मुताबिक सरकार सड़क निर्माण का लक्ष्य हासिल न कर पाने के बावजूद मोदी सरकार पिछली सरकार से इस मामले में कहीं आगे है. यूपीए-2 सरकार में औसतन छह से नौ किमी सड़कों का ही रोजाना निर्माण हो पाया था. सड़क और परिवहन मंत्रालय में एक अधिकारी ने बताया कि भूमि अधिग्रहण और निजी कंपनियों की सुस्त प्रतिक्रिया की वजह से लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सका है. बताया जाता है कि साल 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने सड़क निर्माण के लिए आवंटित राशि में 73 फीसदी बढ़ोतरी की है.

केंद्र सरकार गैस सब्सिडी के बाद अब अन्य योजनाओं के लिए भी गिव-अप लाने की तैयारी में

केंद्र सरकार गैस सब्सिडी के लिए गिव-अप अभियान के बाद अब लोगों से अन्य सब्सिडियों को भी छोड़ने की अपील करने की तैयारी में है. राजस्थान पत्रिका में छपी एक खबर के मुताबिक इस बारे में उच्चस्तरीय फैसला लिया जा चुका है. बताया जाता है कि इसकी शुरूआत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) से की जाएगी. साथ ही आने वाले समय में उर्वरक और छात्रवृत्ति को भी इसके दायरे में लाया जाएगा.

अखबार को खाद्य और आपूर्ति मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीपीडीएस में गिव-अप योजना की तैयारी पूरी हो चुकी है. उन्होंने आगे बताया कि राज्यों से इस अभियान को शुरु करने के लिए कहा गया था. हालांकि अभी तक किसी ने इसपर अपना जवाब नहीं दिया है. इस पर अधिकारी का कहना है कि केंद्र अपने स्तर पर इसकी शुरूआत कर सकता है.

आज का कार्टून

विधायी कामकाज में राज्यसभा को उपेक्षित करने और सुप्रीम कोर्ट के गर्मियों की छुट्टी में भी काम करने पर द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित आज का कार्टून :