जर्मनी के राज्य जारलांड में अंगेला मर्केल की पार्टी को बड़ी जीत मिली | सोमवार, 27 मार्च 2017

जर्मनी के दक्षिण-पश्चिम राज्य जारलांड में जर्मन चांसलर अंगेला मर्केल की क्रिस्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन पार्टी (सीडीयू) को बड़ी जीत मिली है. रविवार को हुए चुनाव में सीडीयू को राज्य की कुल 51 सीटों में से सर्वाधिक 24 सीटें हासिल हुई हैं. इसके अलावा देश की दूसरी प्रमुख पार्टियों सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (एसपीडी) को 17, लेफ्ट को सात और अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) को तीन सीटें मिली हैं. इन चुनावों में सीडीयू के वोट प्रतिशत में भी बड़ा इजाफा हुआ है. 2012 में हुए राज्य चुनावों की तुलना में उसका मत प्रतिशत 5.5 फीसदी बढ़कर 40.7 फीसदी पहुंच गया है.

जारलांड के चुनावी नतीजों पर जर्मनी सहित पूरे यूरोप की निगाहें लगी थीं. जर्मनी में इसी साल 24 सितंबर आम चुनाव होना है और इससे पहले यह चुनाव अंगेला मर्केल के लिए अग्निपरीक्षा की तरह देखा जा रहा था. माना जा रहा था कि मर्केल द्वारा 2015 में बड़ी संख्या में शरणार्थियों को जर्मनी में प्रवेश देने का मामला देश में अभी भी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है और जारलैंड के चुनावी नतीजे इस मुद्दे पर लोगों के रुख के बारे में काफी कुछ साफ़ कर देंगे.

उत्तर कोरिया ने एक और बैलिस्टिक मिसाइल इंजन का परीक्षण किया है : अमेरिका | मंगलवार, 28 मार्च 2017

उत्तर कोरिया अपने हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के मामले में तमाम अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों और धमकियों से बेअसर दिखाई दे रहा है. अमेरिका के रक्षा अधिकारियों के हवाले से सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर कोरिया ने हाल ही में एक और बैलिस्टिक मिसाइल इंजन का परीक्षण किया है. अधिकारियों के मुताबिक उत्तर कोरिया ने यह परीक्षण बीते हफ्ते शुक्रवार को किया, जो बीते कुछ हफ्तों में इस तरह का तीसरा परीक्षण है. वहीं, एक अन्य अधिकारी ने आशंका जताई कि उत्तर कोरिया इस तकनीक को अपनी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) में भी इस्तेमाल कर सकता है.

रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर कोरिया के पास आईसीबीएम तकनीक आने का मतलब है कि अमेरिका उसके निशाने पर आ जाएगा. उधर, सोमवार को अमेरिका ने घोषणा की है कि दक्षिण कोरिया में जारी सैन्य अभ्यास में यूएस मरीन्स ने शक्तिशाली एफ-35 बमवर्षक लड़ाकू विमान को भी तैनात किया है. पेंटागन के प्रवक्ता यूएस नेवी के कैप्टन जेफ डेविस ने बताया कि दक्षिण कोरिया में प्रशिक्षण कार्यक्रम के हिस्से के तौर पर पहली बार एफ-35 बमवर्षक को तैनात किया गया है. अमेरिका के इस कदम को उत्तर कोरिया की बढ़ती आक्रामकता के जवाब में शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है.

ब्रेक्जिट के साथ ब्रिटेन के टूटने के आसार, स्कॉटलैंड की संसद ने दूसरे जनमत संग्रह को मंजूरी दी | बुधवार, 29 मार्च 2017

यूरोपीय संघ से अलग होने यानी ब्रेक्जिट की प्रक्रिया शुरू करने से कुछ घंटे पहले ब्रिटेन के लिए स्कॉटलैंड की संसद से परेशान करने वाली खबर आई. खबरों के मुताबिक मंगलवार को स्कॉटलैंड की संसद में 59 के मुकाबले 69 मतों से आजादी पर दूसरी बार जनमत संग्रह कराने के लिए ब्रिटेन से निवेदन करने की योजना को मंजूरी मिल गई. इसे ब्रेक्जिट की प्रक्रिया पूरी होने से पहले कराया जाना है.

इस मौके पर स्कॉटलैंड की प्रथम मंत्री (स्कॉटलैंड सरकार का मुखिया) निकोला स्टरजन ने कहा कि ब्रेक्जिट से पहले स्कॉटलैंड के नागरिकों को अपने भविष्य के बारे में फैसला करने का मौका मिलना चाहिए. स्कॉटलैंड की संसद में मतदान से पहले उन्होंने कहा था, ‘स्कॉटलैंड का भविष्य स्कॉटलैंड के हाथों में होना चाहिए.’ बीते साल ब्रेक्जिट पर जनमत संग्रह में स्कॉटलैंड के लोगों ने यूरोपीय संघ में बने रहने का समर्थन किया था. स्कॉटलैंड की आजादी पर 2014 में भी एक जनमत संग्रह कराया गया था, जिसमें जनता ने इस मांग को खारिज कर दिया था.

जमात-उद-दावा के सरगना का यह बयान कश्मीर और आतंकवाद पर पाकिस्तान की पोल खोलता है | गुरुवार, 30 मार्च 2017

आतंकवाद और कश्मीर पर पाकिस्तान की पोल जमात-उद-दावा (जेयूडी) के मौजूदा सरगना हाफिज ताल्हा सईद ने ही खोल दी है. उससे संबंधित एक वीडियो हाल ही में जारी हुआ है. इसमें ताल्हा कह रहा है कि कश्मीर में जिहाद को रोकना किसी के लिए भी मुमकिन नहीं है.

जेयूडी के सरगना और मुंबई पर 2008 में हुए 26/11 के आतंकी हमले के मुख्य आरोपी हाफिज सईद को पाकिस्तान में नजरबंद किया गया है. लिहाजा, उसकी गैरमौजूदगी में संगठन का कामकाज उसका बेटा ताल्हा देख रहा है. ताल्हा ने आगे कहा है, ‘पाकिस्तान कश्मीर के मसले को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ले जाना चाहता है. लेकिन हम उसे बताना चाहते हैं कि कश्मीर का जिहाद कोई दहशतगर्दी नहीं है.’

पाकिस्तान : पाराचिनार में हुए बम धमाके में मरने वालों की संख्या 22 पहुंची | शुक्रवार, 31 मार्च 2017

पाकिस्तान एक बार फिर आतंकी हमले से दहल उठा. शुक्रवार को कबायली जिले कुर्रान एजेंसी की राजधानी पाराचिनार में एक शक्तिशाली धमाका हुआ. इसमें कम से कम 22 लोग की मौत हो गई है, जबकि 50 लोग घायल हो गए हैं. पाकिस्तान के प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-अहरार ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है.

यह धमाका इमामबाड़ा के पास एक व्यस्त बाजार में हुआ. कुछ लोगों ने विस्फोट के बाद गोली चलने की भी बात कही है. वहीं, इसे आत्मघाती हमला बताते हुए पाराचिनार के सांसद साजिद हुसैन ने कहा, ‘लग रहा है कि इस धमाके के निशाने पर महिलाओं की मस्जिद थी.’ उन्होंने शिया मुस्लिमों के निशाने पर होने की आशंका भी जताई. पाकिस्तान के इस सीमाई इलाके में शिया मुस्लिमों की आबादी काफी है. यह सांप्रदायिक हिंसा का शिकार हो रही है.

ईरान ने अमेरिका के आरोपों को खारिज किया, कहा - सऊदी अरब आतंकवाद फैलाने वाला देश है | शनिवार, 01 अप्रैल 2017

ईरान ने आतंकवाद को लेकर अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के आरोपों को खारिज किया है. शुक्रवार को जेम्स मैटिस ने कहा था कि जब वे यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर थे, तब भी ईरान आतंकवाद का मूल निर्यातक था और आज भी उसका यही व्यवहार जारी है. उनकी यह प्रतिक्रिया 2012 के उनके एक बयान के बारे में पूछे जाने पर आई थी, जिसमें उन्होंने अमेरिका के तीन प्रमुख खतरे के तौर पर तीन बार ‘ईरान, ईरान, ईरान’ कहा था. इस पर शनिवार को ईरान ने कहा कि वह नहीं, बल्कि अमेरिका का खास सहयोगी सऊदी अरब आतंकवाद का मूल निर्यातक है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम घासेमी ने कहा है, ‘अमेरिका के नेतृत्व में कुछ देशों ने फैसला कर लिया है कि वे तकफीरी और वहाबी आतंकवाद व चरमपंथ के मुख्य स्रोत पर ध्यान ही नहीं देंगे.’ उन्होंने आगे कहा कि आतंकवाद की जड़ों और उसके वित्तीय व बौद्धिक स्रोतों का जिक्र करते समय गलत पता बताने की वजह से ही इसके खिलाफ वैश्विक लड़ाई सफल नहीं हो पा रही है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का इशारा सऊदी अरब के सुन्नी मुस्लिम समूहों और उसकी आधिकारिक वहाबी विचारधारा की तरफ था. हालांकि, सऊदी अरब भी आतंकियों को मदद देने के आरोपों को खारिज करता रहा है.