प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चेनानी-नाशरी सुरंग का उद्घाटन करने की खबर को आज के करीब सभी अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. जम्मू-कश्मीर स्थित यह सुरंग देश की सबसे लंबी सुरंग है. खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने उधमपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘कुछ पत्थर काटकर सुरंग बनाने में लगे हुए हैं तो कुछ भटके हुए नौजवान पत्थर मार रहे हैं. यहां के नौजवानों के पास दो रास्ते हैं, एक टूरिज्म और दूसरा टेररिज्म. खून के रास्ते पर किसी को फायदा नहीं होगा.’

बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने रियो ओलंपिक चैम्पियन कैरोलीना मारिन को हराकर अपना पहला इंडिया ओपन सुपर सीरीज खिताब जीत लिया है. यह खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में है. सिंधु ने अपनी स्पेनिश प्रतिद्वंदी को 46 मिनट तक चले मुकाबले में 21-19 21-16 से हराया. यह सिंधु की कैरोलीना पर लगातार दूसरी जीत है. इससे पहले उन्होंने दुबई वर्ल्ड मास्टर्स सुपर सीरीज फाइनल्स-2016 में भी उन्हें हराया था.

सरकार ने उत्तर प्रदेश और पंजाब में केंद्र की योजनाओं के प्रचार पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश और पंजाब में केंद्र की योजनाओं के विज्ञापन पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक संसदीय समिति की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है. बताया जाता है कि यह पैसा डायरेक्टोरेट ऑफ फील्ड पब्लिसिटी (डीएफपी) को जारी किए गए 37.53 करोड़ रुपये के फंड में से खर्च हुआ है. डीएफपी सरकार की योजनाओं और अभियानों को दूर-दराज के इलाकों में प्रचारित करने का काम करता है.

खबर के मुताबिक डीएफपी ने उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में 4750 कार्यक्रम आयोजित किए गए. पंजाब के 12 जिलों में 1500 कार्यक्रमों के जरिए नोटबंदी, जनधन योजना आदि केंद्रीय योजनाओं के बारे में लोगों को बताया गया. उत्तर प्रदेश और पंजाब में फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव हुए थे.

नोटों के ऊपर लगे सिक्योरिटी फीचर्स को हर तीन से चार साल में बदलने पर विचार

केंद्र सरकार नोटों के ऊपर लगे सिक्योरिटी फीचर्स को हर तीन से चार साल में बदलने पर विचार कर रही है. अमर उजाला ने इस खबर को मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक सरकार द्वारा इस पर विचार करने की वजह पिछले दिनों देश के अलग-अलग हिस्सों में 2000 और 500 रुपये के नकली नोट बरामद होना है. इन नोटों में 17 सिक्योरिटी फीचर्स में से 11 की हुबहू नकल थी.

अखबार के मुताबिक इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि के साथ वित्त और गृह मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा की गई. इस बैठक में गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने नोटों पर लगे सिक्योरिटी फीचर्स को बदलने की वकालत की. उन्होंने कहा कि अधिकतर विकसित देश इन्हें हर तीन से चार वर्ष में बदलते रहते हैं. अधिकारियों का मानना था कि नए नोटों में भी कोई अतिरिक्त सिक्योरिटी फीचर्स नहीं हैं.

नीति आयोग में निजी और अकादमिक क्षेत्र के विशेषज्ञों की सीधी भर्ती

नीति आयोग ने निजी और अकादमिक क्षेत्र के विशेषज्ञों के लिए भी अपने दरवाजे खोल दिए हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इनमें सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद भी शामिल हैं. अभी तक सिविल सेवा के अधिकारी ही इनके लिए आवेदन कर सकते हैं लेकिन, अब उन्हें इन पदों के लिए गैर-सरकारी विशेषज्ञों से मुकाबला करना होगा.

सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत का मानना है कि इस पहल के जरिये सबसे प्रतिभावान और सर्वश्रेष्ठ लोगों को देश के विकास के लिए चुना जा सकेगा. अखबार ने नीति आयोग में अपने एक सूत्र के हवाले से कहा है कि वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति को खत्म कर दिया गया है. सूत्र ने आगे बताया कि आयोग अब सचिव सहित अन्य पदों पर सीधी भर्ती पर विचार कर रहा है. इन पदों का कार्यकाल पांच साल होने की बात कही गई है जिसे, सात साल तक बढ़ाया जा सकता है.

शिक्षा, स्वास्थ्य और तीर्थाटन जीएसटी के दायरे से बाहर

केंद्र सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और तीर्थाटन को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे से बाहर रखने का ऐलान किया है. हिन्दुस्तान के मुताबिक केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार जीएसटी के लागू होने के पहले साल में इन सेवाओं को इसके दायरे में लाने के खिलाफ है. इसके साथ ही परिवहन जैसी सेवाओं के लिए मौजूदा रियायती दर रखने पर जोर देने की बात कही गई है.

राजस्व सचिव अधिया के मुताबिक केंद्र सरकार चाहती है कि वस्तुओं और सेवाओं पर कर की मौजूदा दर नई जीएसटी प्रणाली में भी बनी रहे. उन्होंने कहा कि सरकार चाहेगी कि जीएसटी के कार्यान्वयन के बाद किसी सेवा को जीएसटी में शामिल करने या टैक्स की दर में बदलाव के बारे में फैसला दूसरे या तीसरे साल ही किया जाए और यह निर्णय राजस्व वसूली के आधार पर हो.

आज का कार्टून

केंद्र सरकार द्वारा बड़ी संख्या में उठाए गए आर्थिक कदमों पर द हिंदू में प्रकाशित आज का कार्टून :