नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे तमिलनाडु के किसानों के लिए मद्रास हाईकोर्ट से राहत भरी खबर आई है. खबर के मुताबिक हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार सभी किसानों का कर्ज माफ करे. इसके साथ ही अदालत ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे किसानों को कर्ज वसूली के लिए तंग न करें. अदालत ने सरकार को यह आदेश एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया.

इससे पहले 28 जून, 2016 को राज्य सरकार द्वारा कर्जमाफी योजना में करीब 17 लाख छोटे और सीमांत किसानों को फायदा पहुंचने की बात कही गई थी. ये वे किसान हैं जिनके पास पांच एकड़ से कम जमीन है. इस योजना के लिए सरकार ने 5,780 करोड़ रुपए जारी करने का ऐलान किया था.बताया जाता है कि हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद राज्य के करीब तीन लाख अतिरिक्त किसानों को इसका फायदा पहुंचेगा. हालांकि, इससे सरकार पर करीब 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने का अनुमान है.

मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को भी अपनी भूमिका निभाने के लिए कहा है. अदालत ने कहा, ‘यह गंभीर स्थिति है, केंद्र को इस मामले पर चुप्पी न साधकर राज्य की मदद के लिए आगे आना चाहिए.’ हाईकोर्ट ने आगे कहा, ‘हम लोग उम्मीद करते हैं कि केंद्र राज्य सरकार के बोझ को कम करने के लिए आगे आएगा और वित्तीय मदद देगा.’ तमिलनाडु में भयंकर सूखे की वजह से अक्टूबर, 2016 के बाद खुदकुशी करने वाले किसानों की संख्या करीब 300 पहुंच गई है.