पिछले हफ्ते खत्म हुए वित्त वर्ष (2016-17) में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संग्रह लगभग 18 प्रतिशत बढ़कर 17.10 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. एक साल पहले 2015-16 में वास्तविक कर प्राप्ति 14.55 लाख करोड़ रुपये रही थी. यही नहीं, वित्त वर्ष 2016-17 में पिछले छह सालों में सर्वाधिक कर संग्रह हुआ है.

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने मंगलवार को बीते वित्त वर्ष के दौरान हुए कर संग्रह के अंतिम आंकड़े जारी करते हुए बताया कि प्रत्यक्ष कर संग्रह में 14 प्रतिशत और अप्रत्यक्ष कर संग्रह में 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. बीते वित्त वर्ष में कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.47 लाख करोड़ रुपये जबकि अप्रत्यक्ष कर संग्रह 8.63 लाख करोड़ रुपए रहा.

राजस्व सचिव ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में कुल कर संग्रह का बजट लक्ष्य 16.25 लाख करोड़ रुपये और संशोधित लक्ष्य 16.97 लाख करोड़ रुपये का था. इस तरह वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान कर संग्रह बजट लक्ष्य से 85 हजार करोड़ रुपए और संशोधित लक्ष्य से 13 हजार करोड़ रुपए अधिक रहा.

राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रत्यक्ष कर संग्रह के मामले में वित्त वर्ष के दौरान शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया. रिफंड के बाद कॉर्पोरेट आयकर संग्रह में सात प्रतिशत और व्यक्तिगत आयकर में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वहीं केंद्रीय उत्पाद शुल्क संग्रह में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 3.83 लाख करोड़ रुपए हो गया. सेवा कर संग्रह 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.54 लाख करोड़ रुपये पर और सीमा शुल्क संग्रह 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 2.26 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया.