भारत ने इजराइल से करीब दो अरब डॉलर का रक्षा करार किया है. इसके तहत भारत को इजराइल से मिसाइल रक्षा प्रणाली मिलेगी. भारत के लिए इस तकनीक का बहुत महत्व है. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की जुलाई में प्रस्तावित इजराइल यात्रा से पहले हुए इस करार से दोनों देशों के सामरिक संबंध नए स्तर तक पहुंचेंगे.

रक्षा उपकरण बनाने वाली इजराइल की सरकारी कंपनी इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने इस सौदे की पुष्टि की है. उसके अनुसार वह दो अरब डॉलर में भारत को हवा में मध्यम और लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम मिसाइल रक्षा प्रणाली की आपूर्ति करेगी. यह मिसाइल प्रणाली अपनी रेंज में आने पर विमान, मिसाइल और ड्रोन को तबाह कर सकती है.

इस करार के तहत डीआरडीओ और इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज दोनों मिलकर बराक-8 मध्यम श्रेणी की मिसाइल प्रणाली समेत 16 लॉन्चर और 560 मिसाइलें तैयार करेंगे. इसे स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत में लगाने पर भी सहमति बनी है.

इजराइल के राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए इसे ‘अपवाद’ भी बताया है. रिवलिन ने इस साल की शुरुआत में अपने भारत दौरे के समय इस सौदे से जुड़े मुद्दोंं को भारत सरकार के समक्ष उठाया था. इजरायल ने इस मामले में तकनीक साझा करने के अलावा भारतीय कंपनियों के साथ ​संयुक्त उपक्रम बनाकर भारत में ही उपकरणों को बनाने का प्रस्ताव भी दिया था. मेक इन इंडिया के अनुकूल इस प्रस्ताव को अब भारतीय पक्ष से सकारात्मक जवाब मिल गया है.