पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने के खिलाफ सरकार और विपक्ष एक साथ आ गये हैं. इस खबर को आज कई अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. मंगलवार को लोकसभा में इस मामले को उठाया गया. सभी दलों के सांसदों ने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने और जाधव की रिहाई की हरसंभव कोशिश करने की अपील की. इसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सांसदों को जाधव की रिहाई के लिए जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पार्टी सांसदों से हनुमान की तरह निस्वार्थ भाव से काम करने का आह्वान किया. यह खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. उन्होंने पार्टी संसदीय दल की बैठक में कहा कि सांसद अपने क्षेत्रों में इतना काम करें कि वहां हीरो बन जाएं और लोग मोदी-मोदी के बजाय उनके नाम के नारे लगाएं. इसके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ असम के दिफू स्थित निचली अदालत से जमानती वारंट जारी होने की खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से छापा है. अरविंद केजरीवाल ने पिछले साल प्रधानमंत्री की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाया था जिसके बाद दिफू में उन पर मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था.

तमाम कोशिशों के बावजूद अवैध खनन जारी

अवैध खनन की अर्थव्यवस्था पर लगाम कसने में तमाम कोशिशों के बावजूद नाकामी हाथ लगी है. जनसत्ता की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक नीलामी की नई प्रक्रिया में सब कुछ ऑनलाइन होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कई सवाल अब भी बने हुए हैं. ‘रैट होल्स’ से खनन या कोयला माफिया के गैर पंजीकृत वाहनों पर निगरानी कैसे रखी जाएगी जैसे कई मुद्दों पर स्थिति साफ नहीं है.

रिपोर्ट के मुताबिक एक टन कोयला निकालने पर 900 रुपये तक की लागत आती है. कोयला माफिया इसे करीब दोगुनी कीमत पर स्पॉन्ज आयरन इकाइयों और रोलिंग मिल्स को बेचते हैं. दूसरी ओर, एक टन कोयले की अधिकृत कीमत इसकी तुलना में तिगुनी पड़ती है. बताया जाता है कि कोयला कंपनियां खनन करते हुए स्टॉपिंग प्वाइंट (जहां खुदाई सुरक्षित नहीं मानी जाती) तक पहुंचकर काम रोक देती हैं. जबकि कोयला माफिया यहीं से काम शुरू करते हैं. कोल इंडिया के अधिकारियों के मुताबिक खनन माफिया हर साल 30 लाख टन कोयला साइकिलों पर ढोकर बेच देते हैं.

राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पाक-साफ : संसदीय समिति

2010 में राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में हुई अनियमितताओं के मामले में संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पाक-साफ माना है. अमर उजाला की खबर के मुताबिक पीएसी ने उन सभी आरोपों को खारिज किया है जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री को दोषी करार दिए जाने की बात है. समिति अपनी रिपोर्ट लोकसभा में 12 अप्रैल को पेश करेगी.

पीएसी के अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता केवी थॉमस ने कहा है कि रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री और उनके कार्यालय के बारे में कुछ भी नहीं है. उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने खेल के आयोजन में कुछ भी गलत नहीं किया है. समिति के अध्यक्ष के रूप में थॉमस का कार्यकाल 30 अप्रैल को खत्म हो रहा है.

पंजाब विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी का विरोध करने वाले 66 छात्रों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज

चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब विश्वविद्यालय में फीस में बढ़ोतरी का विरोध करने वाले 66 छात्रों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया है कि पर्याप्त सबूत न मिलने पर ये मामले वापस ले लिए जाएंगे. आरोपित छात्रों पर आईपीसी की धारा 124-ए (राजद्रोह) के साथ दंगा फैलाने जैसे कई अन्य गंभीर किस्म के मामले दर्ज किए गए हैं.

अखबार को छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी अश्वनी कॉल ने बताया, ‘मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि छात्र स्टेट के खिलाफ नारे लगा रहे थे. स्टेट से मेरा मतलब मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूजीसी और पंजाब विश्वविद्यालय से था.’ उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने इसे दूसरी तरह से लेते हुए छात्रों पर राजद्रोह का मामला दर्ज कर लिया.

देशभर में 30 फीसदी एटीएम नकदी की कमी की वजह से बेकार

देशभर में 30 फीसदी एटीएम अब भी काम नहीं कर रहे. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में कैश लॉजिस्टिक एसोसिएशन के हवाले से कहा गया है कि इस महीने की शुरुआत में बैंकों ने एटीएम के लिए पर्याप्त पैसे दिए थे लेकिन इसके बाद इसमें कमी आई है. बताया जाता है कि बैंकों द्वारा ऐसा करने की वजह से अपनी शाखाओं में पर्याप्त नकदी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है.

कैश लॉजिस्टिक एसोसिएशन के सचिव एनएसजी राव ने अखबार को बताया कि उन्हें कई जगहों से एटीएम खाली होने की शिकायतें मिली हैं. उन्होंने आगे कहा कि एटीएम के लिए पर्याप्त नकदी नहीं है. एक बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद नकदी निकासी में कमी आई थी लेकिन, फिर धीरे-धीरे में इसमें बढ़ोतरी देखी जा रही है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में आरबीआई को नकदी लेनदेन में कमी को ध्यान में रखते हुए नोट छापने का सुझाव दिया गया था.

आज का कार्टून

भारत-पाक कूटनीतिक संबंधों पर द हिंदू में प्रकाशित आज का कार्टून :