‘अलगाववादियों से बातचीत शुरू करने वाले अटल बिहारी वाजपेयी क्या देशद्रोही थे?’  

— यशवंत सिन्हा, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री

भाजपा नेता यशवंत सिन्हा का यह बयान कश्मीर में खराब होते हालात पर आया. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कश्मीर में बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए सभी पक्षों से बातचीत करनी होगी जिसमें हुर्रियत भी शामिल है. यशवंत सिन्हा ने कहा कि 2015 में जब पीडीपी और भाजपा ने सरकार बनाई तो उन्होंने तय किया था कि विरोधी पक्षों को बातचीत की मेज तक लाने का जो सिलसिला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शुरू किया थ उसे आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि आजकल तो अलगाववादियों से बातचीत का सुझाव देने भर से देशद्रोही का ठप्पा लगने लगता है.

‘आप गायों को बचा सकते हैं, लेकिन महिलाओं को नहीं.’  

— जया बच्चन, समाजवादी पार्टी की नेता और अभिनेत्री

सपा सांसद जया बच्चन की यह प्रतिक्रिया पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के नेता के बयान पर आई. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में इस नेता ने ममता बनर्जी का सिर काटकर लाने वाले को 11 लाख रु का इनाम देने की घोषणा की थी. इसकी निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि कोई किसी महिला के बारे में ऐसा बयान कैसे दे सकता है. मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए जया बच्चन ने कहा कि आजकल महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं. सपा सांसद ने सरकार से महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की भी मांग की.


‘डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका-रूस के बीच भरोसा घटा है.’  

— व्लादिमीर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का यह बयान सीरिया पर अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद अमेरिका से रिश्तों को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘एक बात कही जा सकती है कि काम करने के लिए जरूरी भरोसे के स्तर में कोई सुधार नहीं आया है, बल्कि गिरा ही है.’ पुतिन ने यह भी कहा कि सीरिया ने अपने रासायनिक हथियारों को बहुत पहले खत्म कर दिया था. उन्होंने इस रासायनिक हमले के पीछे सीरियाई सरकार को बदनाम करने की साजिश होने की आशंका भी जताई. बीते हफ्ते सीरिया के इदलिब प्रांत में कथित रासायनिक हमले में 31 बच्चों सहित 87 लोगों की मौत हो गई थी.


‘भारत-पाकिस्तान हमेशा दुश्मन नहीं बने रह सकते, बातचीत से आपसी विवाद सुलझाना चाहिए.’  

— नसीर जंजुआ, पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

नसीर जंजुआ ने यह बात कनाडा के उच्चायुक्त पेरी कैल्डरवुड से बातचीत के दौरान कही. उन्होंने कहा, ‘भारत, कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा मानता है लेकिन वह द्विपक्षीय भावना का उल्लंघन कर इस पर बात करने से भागता है.’ कश्मीर के हालात का जिक्र करते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने यह भी कहा कि कट्टरपंथी सोच को ताकत के बल पर नहीं, बल्कि लोगों के दिल-दिमाग को जीतकर ही कम किया जा सकता है.