पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से छेड़छाड़ के आरोप लगाने वालों को चुनाव आयोग ने खुली चुनौती दी है. इस खबर को आज के कई अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक आयोग ने बुधवार को ईवीएम की पुख्ता सुरक्षा का दावा करते हुए कहा है कि मई के पहले हफ्ते में कोई भी इन मशीनों को हैक करके दिखाए. इसके तहत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और तकनीकविद मशीनों को हैक करने की कोशिश कर सकते हैं.

बीकानेर जमीन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा रॉबर्ट वाड्रा के करीबियों के यहां छापामारी करने की खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. ईडी ने हरियाणा के फरीदाबाद में तीन जगहों पर छापामारी की है. इसके अलावा देश के पांच शहरों- पुडुचेरी, विशाखापट्टनम, उदयपुर, जमशेदपुर और चंडीगढ़ में एक मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज निर्धारित किए जाने के प्रयोग की खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से छापा है.

सपा सांसद जया बच्चन के राज्यसभा में भाजपा पर जमकर निशाना साधने की खबर भी आज के अखबारों में है. उन्होंने कहा, ‘आप गाय को बचा सकते हैं, लेकिन महिलाओं को नहीं. महिलाओं को परेशान किया जा रहा है. आप महिलाओं के खिलाफ इस तरह से कैसे बात कर सकते हैं?’ इसके अलावा श्री श्री रविशंकर के आर्ट ऑफ लिविंग आयोजन से यमुना नदी को हुए नुकसान की खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. एनजीटी की एक विशेषज्ञ समिति ने नदी को हुए नुकसान की भरपाई पर 13.29 करोड़ रुपये का खर्च आने और इसमें लगभग 10 साल का वक्त लगने की बात कही है.

कुलभूषण जाधव मामले पर पाकिस्तान अपने सख्त रुख पर बरकरार

पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव मामले पर अपने रुख में नरमी नहीं लाने का संकेत दिया है. हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक पाकिस्तान के उच्च अधिकारियों का कहा है कि जाधव के खिलाफ निष्पक्ष जांच की गई है और वे भारत द्वारा बनाए जा रहे दबाव में नहीं आने वाले हैं. नई दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा कि कुलभूषण जाधव एक सेवानिवृत भारतीय नौसेना अधिकारी हैं, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा सैन्य अदालत में चलाया गया.

अब्दुल बासित की बातों का समर्थन करते हुए पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा, ‘जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किसी व्यक्ति के खिलाफ सैन्य अदालत में ही मुकदमा चलाया जाता है. पाकिस्तानी लोगों की तरह ही किसी विदेशी को भी अपनी बात रखने के लिए वकील मुहैया कराया जाता है. उधर, भारत ने कहा है कि जाधव को बचाने के लिए हरसंभव कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं. साथ ही, पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाने के बारे में भी विचार किया जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने विनिर्माण क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिए निर्धारित राशि कहीं और इस्तेमाल होने पर अचरज जताया

सुप्रीम कोर्ट ने देश में विनिर्माण क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिए निर्धारित राशि कहीं और इस्तेमाल होने पर अचरज जताया है. जनसत्ता की एक रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष अदालत ने बुधवार को कहा कि करीब 26,000 करोड़ रुपए में से पांच हजार करोड़ रुपए कैसे खर्च किए गए, इसकी कोई जानकारी नहीं है. अदालत ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) को इस मामले में दो हफ्ते के भीतर ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.

शीर्ष न्यायलय में दायर एक याचिका में कहा गया था कि मजदूरों के कल्याण के लिए जारी रकम के बड़े हिस्से का इस्तेमाल दूसरे कामों में हो रहा है. इस पर न्यायाधीश मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने एडिशनल अटॉर्नी जनरल मनिंदर सिंह से कहा, ‘हमें नहीं मालूम यह धन कहां खर्च हुआ. आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि यह चाय या भोजन पर खर्च नहीं हो. यह रकम देश के गरीब से गरीब लोगों तक पहुंचनी थी लेकिन, यह कहीं और ही जा रही है. यह बहुत ही महत्त्वपूर्ण मामला है.’ उधर, मनिंदर सिंह ने अदालत को बताया कि यह धन राज्य सरकारों के पास है और ऐसा नहीं है कि यह रकम गायब हो गई है. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख पांच मई तय की है.

एफआरबीएम समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक, अगले तीन वर्षों के लिए राजकोषीय घाटा तीन फीसदी रखे जाने की सिफारिश

राजकोषीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) समिति ने 2022-23 तक राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.5 फीसदी, राजस्व घाटा 0.8 फीसदी और केंद्र-राज्य की संयुक्त कर्ज सीमा 60 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है. बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी एक खबर के मुताबिक नीति निर्माताओं को लचीलापन मुहैया कराने के लक्ष्य से एनके सिंह की अध्यक्षता में गठित एक समिति ने 2017-18 से लेकर 2019-20 तक राजकोषीय घाटा तीन फीसदी रखे जाने की सिफारिश की है. समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष खतरा होने या राष्ट्रीय स्तर की किसी आपदा या फिर कृषि संकट जैसी स्थिति में राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को छोड़ा जा सकता है. समिति ने अपनी रिपोर्ट जनवरी, 2017 में सरकार को सौंपी थी.

अभय देओल का फेयरनेस क्रीम का विज्ञापन करने वाले फिल्मस्टार्स पर निशाना

अभिनेता अभय देओल ने फेयरनेस क्रीम का विज्ञापन करने वाले फिल्म अभिनेताओं पर निशाना साधा है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले फिल्मस्टार्स फेयरनेस क्रीम बेचकर बहुत खुश हैं. अपने फेसबुक पेज पर उन्होंने लिखा,‘और किंग खान खुद आपसे पूछते हैं, मर्द होकर भी आप लड़कियों वाली फेयरनेस क्रीम क्यों इस्तेमाल करते हैं? वे साफतौर पर आपको मर्द बनाने की कोशिश करते हैं.’ उन्होंने आगे अभिनेत्री-निर्देशक नंदिता दास के बारे में कहा, ‘नंदिता हमें बता रही है कि अश्वेत भी सुंदर होते हैं. क्या वे नहीं जानतीं कि हमें तो यह पहले से मालूम है.’ अभय से पहले रणबीर कपूर और कंगना रनौत जैसे सितारों ने भी ब्यूटी क्रीमों पर निशाना साधा था.

आज का कार्टून

बीते सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने तमिलनाडु के किसानों द्वारा नग्न प्रदर्शन पर द हिंदू में प्रकाशित आज का कार्टून :