पाकिस्तान में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को मौत की सजा दिए जाने का असर का क्या भारत आने वाले पाकिस्तानी कलाकारों पर भी पड़ सकता है? क्या उनको भारतीय वीजा हासिल करने में दिक्कत आने वाली है? विदेश मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो इन सवालों का जवाब ‘हां’ में मिलता है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस मामले में भारत की पहली प्रतिक्रिया का शिकार पाकिस्तानी कलाकार होने वाले हैं.

विदेश मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि कुलभूषण मामले में भारत सरकार हर तरह से पाकिस्तान को अपनी असहजता का संकेत देना चाहती है. इसीलिए पहले सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा देने पर प्रतिबंध लगाने के बारे में सोचा गया था. लेकिन फिर सुझाव आया कि पहले यह विकल्प चर्चित लोगों पर आजमाकर देख लेना चाहिए. लिहाजा, सरकार ने विदेश मंत्रालय को इशारा कर दिया है कि भारत आने वाले पाकिस्तानी गायक, कलाकार, फिल्म एवं टीवी से जुड़े लोगों को वीजा देने में तत्परता न दिखाई जाए.

इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग को भी इस आशय का संकेत मिल चुका है. हालांकि इस बाबत को कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारतीय वीजा देने पर प्रतिबंध लगाना एक मुश्किल कदम हो सकता था. उसकी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया भी संभव थी. क्योंकि पाकिस्तान से कई लोग मानवीय आधार पर भी भारत आते हैं. इनमें छात्र और मरीज आदि शामिल होते हैं. इन्हें वीजा देने से मना करना न्यायोचित नहीं कहा जा सकता.

भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक वीजा जारी करने को लेकर करीब छह महीने से गतिरोध पहले ही बना हुआ है. पिछले साल दोनों देशों ने अपने कुछ राजनयिक वापस बुला लिए गए थे. इसके बाद से दोनों तरफ के राजनयिकों और राजनयिक स्टाफ के वीजा से जुड़े करीब 10 मामले लंबित हैं. सूत्रों के मुताबिक, ‘कुलभूषण मामले ने इस स्थिति को और खराब कर दिया है. इससे यह पक्का हो गया है कि अभी कुछ समय और दोनों देशों के उच्चायोगों को अपनी बची-खुची ताकत से ही काम चलाना होगा.’

भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने हाल में ही मौत की सजा सुनाई है. उन पर भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) के लिए पाकिस्तान में जासूसी करने का आरोप लगाया गया है. पाकिस्तान के इस फैसले के बाद अब भारत सरकार कुलभूषण को छुड़ाने के लिए कई विकल्प खंगाल रही है. एक अधिकारी कहते भी हैं, ‘हम नरम और सख्त सभी तरह के विकल्पों को आजमाने पर विचार कर रहे हैं. ताकि कुलभूषण को भारत वापस लाया जा सके.’