शनि के 62 ज्ञात उपग्रहों में से एक उपग्रह एनसेलडस पर जीवन की संभावना के संकेत मिले हैं. प्रतिष्ठित पत्रिका साइंस में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक एनसेलडस की बर्फीली सतह को तोड़कर अंतरिक्ष में पहुंचे द्रव का विश्लेषण करने के बाद नासा के कैसिनी यान ने इसमें हाइड्रोजन जैसे तत्व की पुष्टि की है. हाइड्रोजन को जीवन का मूल स्रोत माना जाता है, इसलिए वैज्ञानिक पृथ्वी के बाहर इस उपग्रह पर जीवन की संभावना जता रहे हैं.

शनि का उपग्रह एनसेलडस पूरी तरह बर्फ से ढका है जिसके नीचे बड़ी-बड़ी जल संरचनाएं हैं. लेकिन, समय-समय पर इसकी सतह पर मौजूद दरारों से भाप की बौछारें बाहर निकलती हैं. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के कैसिनी यान इन्हीं में से एक बौछार के पास गुजरते हुए इसके नमूने लिए थे. कैसिनी ने इसका विश्लेषण कर इसमें हाइड्रोजन, कॉर्बन डाइ ऑक्साइड और मीथेन के अंश होने का संकेत दिया है. इसे यहां पर जीवन के शुरुआती स्वरूप की मौजूदगी का संकेत माना जा रहा है. वुड्स होल ओशिनोग्राफिक इंस्टीट्यूशन इन मैंसाचुएट्स के जिओकैमिस्ट जैफ्री सीवाल्ड ने कहा, ‘अगर यह सही है तो यह एनसेलडस पर जीवन के शुरुआती स्वरूप की मौजूदगी का संकेत है.’

नासा ने कैसिनी अंतरिक्षयान ने 2004 में शनि और इसके उपग्रहों का अध्ययन शुरू किया था और अक्टूबर 2015 में एनसेलडस से निकले गर्म जल के अंश का नमूना लिया था. हालांकि, नासा द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक कैसिनी अंतरिक्षयान शनि और इसके उपग्रहों के अध्ययन का बीस साल पुराना अपना अभियान बहुत जल्द पूरा करने वाला है.