बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती सहित 13 लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश के मुकदमे को बहाल करने का आदेश दिया है. बुधवार को जस्टिस पीसी घोष और आरएफ नरीमन की खंडपीठ ने यह आदेश जारी किया. रायबरेली की विशेष अदालत ने इन सभी के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप को खारिज कर दिया था. निचली अदालत के इस निर्णय को वर्ष 2010 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी सही ठहराया था.

सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पक्ष और विपक्ष में तमाम तरह की प्रतिक्रियाओं के बीच खासतौर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता आडवाणी की चर्चा हो रही है. कहा जा रहा है कि इस फैसले के चलते अब भाजपा नेता के राष्ट्रपति बनने की संभावना तकरीबन खत्म हो चुकी है. ट्विटर पर अमर ठाकुर ने लिखा है, ‘मुकदमों के खुलने और बंद होने की भी अपनी राजनीति होती है. तमाम सपनों और संभावनाओं के साथ आडवाणी जी की राजनीति की इतिश्री!’ वहीं गिर्जेश वशिष्ठ ने चुटकी ली है, ‘वेटिंग, वेटिंग और वेटिंग... पीएम इन वेटिंग, फिर प्रेजिडेंट इन वेटिंग... आडवाणी को वेटर बना दिया गया है.’ एक ऐसी ही फेसबुक पोस्ट में सोमवीर आर्य ने लिखा है, ‘आडवाणी जी के साथ मेरी पूरी सहानुभूति है. पहले मोदी बीच में आ गए और अब सुप्रीम कोर्ट.’

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने तेज बहादुर यादव को पद से बर्खास्त कर दिया है. उन्होंने नौ जनवरी को सोशल मीडिया पर जवानों को खराब खाना दिए जाने की शिकायत की थी. बीएसएफ के आधिकारिक बयान के मुताबिक तेज बहादुर को सुरक्षा बल पर झूठे आरोप लगाने का दोषी पाया गया है. सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोगों ने तेज बहादुर के प्रति अपना समर्थन जताया है और इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्र सरकार को घेरा है. संजय मौर्य का ट्वीट है, ‘तेज बहादुर यादव को आवाज उठाने का इनाम बर्खास्तगी से मिला… सबका साथ, सबका विकास योजना के तहत.’ इस घटना पर तेज बहादुर की पत्नी शर्मिला ने एक वीडियो जारी किया है. इसमें उन्होंने अपनी पति के साथ हुए बर्ताव पर सवाल उठाया है और कहा है, ‘सरकार ने ये बहुत गलत किया है. इससे कोई भी मां अपने बच्‍चे को सेना में भेजने से डरेगी.’ इस बयान का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह वीडियो शेयर किया है.

इन दोनों खबरों पर सोशल मीडिया में आईं कुछ और प्रतिक्रियाएं :

अशोक मलिक | @MalikAshok

आडवाणी के खिलाफ 6 दिसंबर (बाबरी विध्वंस) की घटना पर आपराधिक षड़यंत्र का मामला बेमतलब है. यहां राजनीतिक अभियान और आपराधिक षडयंत्र को अलग-अलग करके देखे जाने की जरूरत है.

बकरवाणी‏ | @BakarVani

आडवाणी जी का शशिकला हो गया है. पीएम इन वेटिंग के बाद अब वे प्रेजिडेंट इन वेटिंग रह जाएंगे.

वाईकेमीडिया | youtube/ykmedia

तेज बहादुर यादव को बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया है... इस मामले पर उनकी पत्नी का वीडियो.

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डॉ आनंद राय | @anandrai177

उमा भारती बोलीं कि कोई साजिश नहीं हुई थी. लेकिन कोई आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से जाकर तो पूछे कि राष्ट्रपति चुनाव के ठीक पहले उन्हें एलबीडब्लू क्यों कर दिया गया है.

शकुनि मामा | @ShakuniUncle

आडवाणी जी अब राष्ट्रपति भी नहीं बन पाएंगे. ऐसा लग रहा है, जैसे वे जेठालाल के बाद दूसरे सबसे बदकिस्मत गुजराती हैं.

उमाशंकर सिंह | @umashankarsingh

अब कोई ख़राब खाने की शिकायत मत करना. तेज़ बहादुर को नौकरी से निकाल दिया गया है.

नीरज |‏ @niraj_bhaai

आप सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाइए,फिर आपको अराजकतादी कहा जाएगा और तेजबहादुर की तरह कुचल दिया जाएगा