बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लालकृष्ण आडवाणी सहित 13 लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश का मुकदमा बहाल करने का आदेश दिया है. इस खबर को आज के करीब सभी अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक इससे पहले उत्तर प्रदेश में रायबरेली स्थित विशेष अदालत ने इन सभी के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप को खारिज कर दिया था. इसके अलावा बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव को पद से बर्खास्त किए जाने की खबर को अखबारों ने प्रमुखता से छापा है. बीएसएफ ने तेज बहादुर को सुरक्षा बल पर झूठे आरोप लगाने और अनुशासनहीनता का दोषी पाया है.

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को सभी श्रेणियों के वाहनों के ऊपर लगी सभी तरह की बत्तियां हटाने का फैसला किया. यह खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल हैं. हालांकि, आपातकालीन और राहत सेवाओं से संबंधित वाहनों पर नीली बत्तियां लगाने की अनुमति दी गई है. इस फैसले को एक मई, 2017 से लागू किया जाना है. उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित एक कंपनी के कार्यालय में आग लगने से छह लोगों के जिंदा जलने की खबर को अखबारों ने तस्वीरों के साथ प्रमुखता से जगह दी है. खबरों के मुताबिक आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है.

केंद्रीय विद्यालयों और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों में हिंदी अनिवार्य करने के प्रस्ताव का कई राज्यों में विरोध

केंद्रीय विद्यालयों और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों में हिंदी को अनिवार्य करने संबंधी प्रस्ताव पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मंजूरी के बाद कई गैर-हिंदी भाषी राज्यों ने इसके खिलाफ अपना विरोध दर्ज किया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक राज्यों ने इसे अन्य भाषाओं पर हिंदी को थोपने जैसा बताया है. बीती 31 मार्च को राष्ट्रपति द्वारा जारी एक आदेश में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को स्कूलों में 10वीं कक्षा तक हिंदी को अनिवार्य करने की दिशा में गंभीर कोशिश करने के लिए कहा गया था.

तमिलनाडु में डीएमके पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने केंद्र को चेतावनी दी है कि वह एक और हिंदी विरोधी आंदोलन के लिए परिस्थितियां पैदा न करे. साथ ही केरल ने 11 अप्रैल को एक अध्यादेश पारित करके मलयालम को 10वीं कक्षा तक अनिवार्य कर दिया है. तेलंगाना ने केंद्र के इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज करते हुए कहा है, ‘जब उत्तर भारत के लोग दक्षिण भारत की कोई भाषा सीखने की कोशिश नहीं करते हैं, तो फिर हमारे बच्चों पर एक विशेष भाषा सीखने पर क्यों जोर डाला जा रहा है?’

केंद्र सरकार ने राज्यों को सीधे विदेश से कर्ज लेने की मंजूरी दी

केंद्रीय कैबिनेट ने राज्यों को बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं के लिए सीधे विदेश से कर्ज लेने की मंजूरी दे दी है. बिजनेस स्टैंडर्ड ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक राज्य सरकार के तहत आने वाली इकाइयां परियोजना में मदद करने वाले दूसरे देशों से सीधे कर्ज जुटा सकती हैं. ऐसे मामलों में संबंधित राज्य सरकार कर्ज के लिए गारंटी मुहैया कराएगी. साथ ही, केंद्र की ओर से भी काउंटर गारंटी दी जाएगी. यानी राज्य सरकार अगर चूक करती है तो उसकी भरपाई केंद्र सरकार की ओर से की जाएगी.

मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत राज्य सरकार की इकाइयां सीधे बाहरी एजेंसियों से कर्ज नहीं ले सकती थीं. केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा, ‘कई इकाइयां राष्ट्रीय महत्व की बड़ी ढांचागत परियोजनाएं क्रियान्वित कर रही हैं. इनके लिए बड़ी रकम की जरूरत होती है.’ हालांकि, इसके साथ राज्य का राजकोषीय घाटा उसके जीडीपी के तीन फीसदी से अधिक नहीं होने की शर्त जोड़ी गई है.

कांग्रेस की ‘सुपर 40’

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अगले दो वर्षों के दौरान छह राज्यों में होने वाले चुनाव की बूथ स्तर पर तैयारियों के लिए 40 नेताओं की एक टीम बनाई है. इसे ‘सुपर 40’ नाम दिया गया है. अमर उजाला के मुताबिक उन्होंने इन नेताओं से साफ कहा, ‘अगर आप समय नहीं दे सकते तो मुझे बिना झिझक के बोल सकते हैं, इसमें कोई बुराई नहीं है. मुझे ऐसे लोग चाहिए जो इस काम के लिए अपना समय दे सकें.’ बताया जाता है कि इस टीम की कमान पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के हाथों में दी गई है.

अखबार के मुताबिक राहुल गांधी ने बीते मंगलवार को देर शाम विशेष बैठक बुलाई थी. इस बैठक में उत्तर प्रदेश से राजेश मिश्र, अनुग्रह नारायण सिंह, हरियाणा से दीपेंद्र हुड्डा, राजस्थान से जुबेर अहमद, आंध्र प्रदेश से पल्लम राजू, असम से सुष्मिता देव और राणा गोस्वामी समेत कई लोग मौजूद थे.

पब्लिक हेल्थ फांउडेशन ऑफ इंडिया के विदेशों से फंड हासिल करने पर रोक

गृह मंत्रालय ने दिल्ली स्थित एनजीओ पब्लिक हेल्थ फांउडेशन ऑफ इंडिया (पीएचएफआई) पर विदेशों से फंड हासिल करने पर रोक लगा दी है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस एनजीओ पर विदेशी सहायता नियमन कानून (एफसीआरए) के उल्लंघन करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है. गृह मंत्रालय के इस कदम के बाद पीएचएफआई बिल एंड मेलिंडा गेट्स फांउडेशन से भी वित्तीय मदद हासिल नहीं कर सकेदा. संस्था का लाइसेंस पिछले साल अगस्त में पांच साल के लिए रिन्यू किया गया था.

बताया जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबंधित संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने गेट्स फाउंडेशन और बड़ी दवा कंपनियों के बीच गठजोड़ होने और इसका प्रभाव स्वास्थ्य नीति पर पड़ने का आरोप लगाया था. संगठन के सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने अखबार को बताया, ‘हम लोगों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर इस मुद्दे को उठाया था.’ पीएचएफआई की स्थापना साल 2006 में की गई थी. यह संस्था केंद्र और राज्य सरकारों को एचआईवी से बचाव और दवाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने सहित कई कामों के लिए तकनीकी मदद उपलब्ध कराती है.

आज का कार्टून

तमिलनाडु के एआईएडीएमके पार्टी में विवाद पर द हिंदू में प्रकाशित आज का कार्टून :