मोदी सरकार अलग-अलग बैंकों के करीब 9,000 करोड़ के कर्ज की देनदारी से पीछा छुड़ाकर ब्रिटेन भागे शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने की कवायद में लगी है. लेकिन बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट बताती है कि यह कोशिश जल्द कामयाब होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही.

सूत्रों के मुताबिक सरकार माल्या का प्रत्यर्पण सहज बनाने के लिए ब्रिटेन के ही वकीलों (मध्यस्थों) की सेवाएं लेने वाली है. यह फैसला इसलिए किया जा रहा है कि इससे पहले दर्जनों ऐसे मौके आ चुके हैं, जब दूसरे देशों के कानून सही तरीके से न समझने के कारण भारतीय एजेंसियां अपराधियों का प्रत्यर्पण नहीं करा सकीं. लिहाजा, सरकार इस मामले में ऐसी कोई गुंजाइश छोड़ने के मूड में नहीं है.

विजय माल्या के मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक अधिकारी कहते भी हैं, ‘जो भी दूसरे देश में ऐसे मामलों में सरकार का प्रतिनिधित्व करे, उसे वहां के कानून से अच्छी तरह वाकिफ होना चाहिए. चूंकि न्यायिक कानून अलग-अलग देशों में भिन्न-भिन्न होते हैं, इसलिए जरूरी है कि मामले का प्रतिनिधित्व उसी को करने दिया जाए जो उस न्यायिक व्यवस्था से परिचित हो जहां सुनवाई है.’

सूत्रों के अनुसार इस मामले को हर कानूनी कसौटी पर खरा उतारने की एक और चुनौती है. इसीलिए ईडी के साथ इसी मामले की जांच में शामिल सीबीअाई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) के अधिकारी छोटे से छोटे बिंदुओं पर भी ध्यान दे रहे हैं. ताकि माल्या के खिलाफ एक पुख्ता केस तैयार किया जा सके. इस सिलसिले में जांच अधिकारियों की टीम वरिष्ठ वकीलों के साथ जल्द ही लंदन भी रवाना होने वाली है.

हालांकि इस सबके बावजूद, कई अधिकारियों को लगता है कि विजय माल्या को जल्द भारत लाए जाने की संभावना महज 30 फीसदी ही है. इसकी वजह ये है कि माल्या पर लगे आरोपों की प्रकृति ‘दीवानी’ (सिविल) है. माल्या इस आधार पर राहत ले सकते हैं कि वे कोई ‘बड़े कर्ज दिवालिया’ नहीं हैं. यानी महज ‘कर्ज दिवालिया’ होने के आधार पर उनका प्रत्यर्पण कराना भारत के लिए मुश्किल हो सकता है.

एक अन्य अधिकारी के मुताबिक ‘दोनों देशों की प्रत्यर्पण संधि में कई उपबंध (क्लॉज) हैं, जिनके आधार पर माल्या के प्रत्यर्पण का आग्रह खारिज किया जा सकता है. लेकिन अगर यह आग्रह मंजूर भी कर लिया गया तो वे निचली अदालत के फैसले के खिलाफ ऊपरी कोर्ट में अपील कर सकते हैं. तिस पर वेस्टमिंस्टर की प्राइमरी कोर्ट में ही फैसला आने में 15-20 सुनवाइयों तक का वक्त अलग लगेगा.’