मध्य प्रदेश के बहुचर्चित भर्ती परीक्षा घोटाले से जुड़े एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को एक और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सीबीआई ने ग्वालियर के विशेष मजिस्ट्रेट के कोर्ट द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर यह गिरफ्तारी की है. इस आरोपित पर व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) की 2013 की वन रक्षक भर्ती परीक्षा में जालसाजी, धोखाधड़ी और दूसरे व्यक्ति की जगह पर परीक्षा देने जैसी आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप है. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस आरोपित के खिलाफ दिसंबर 2015 में मामला दर्ज किया था.

रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई जांच में भी यह बात सामने आई थी कि इस परीक्षा में अभ्यर्थी ने बिचौलिए की मदद से अपनी जगह पर परीक्षा देने के लिए सॉल्वर का इस्तेमाल किया था. वहीं, सीबीआई की सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (सीएफएसल) के विशेषज्ञों का कहना था कि ओएमआर सीट पर हस्ताक्षर और लिखावट से साबित होता है कि मूल अभ्यर्थी ने परीक्षा नहीं दी थी, बल्कि उसकी जगह सॉल्वर परीक्षा में बैठा था.

सीबीआई ने इससे पहले इसी भर्ती परीक्षा से जुड़े मामले में 28 मार्च को तीन आरोपितों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की थी. इन तीनों आरोपितों की पहचान बिचौलिए, सॉल्वर और अभ्यर्थी के रूप में की गई थी. पूरक चार्जशीट पेश होने के बाद अदालत ने इन आरोपितों की जमानत को खारिज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.