आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) ने चार राज्यों - उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और बिहार से इस्लामिक स्टेट (आईएस) के चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. इस खबर को आज के कई अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक छह अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है. एटीएस और राज्य पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत मुंबई (महाराष्ट्र), लुधियाना (पंजाब), नरकटियागंज (बिहार), मुजफ्फरनगर और बिजनौर (उत्तर प्रदेश) में छापे मारे गए थे. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होने की खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से छापा है. जांच एजेंसी ने आय से अधिक मामले में बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें 20 अप्रैल को पेश होने के लिए कहा था.

पनामा पेपर्स लीक मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को सुप्रीम कोर्ट से राहत राहत मिलने की खबर आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. अदालत ने नवाज शरीफ और उनके तीन बच्चों पर लगे आरोपों की संयुक्त जांच दल (जेआईटी) से दोबारा जांच कराने का आदेश दिया है. इसके साथ ही अदालत ने जेआईटी को 60 दिन के भीतर जांच पूरी करने और रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है.

सभी तरह की ट्रेनों में एसी-II कोच धीरे-धीरे खत्म करने की तैयारी

रेलवे सभी तरह की ट्रेनों में एसी-II कोच धीरे-धीरे खत्म करने की तैयारी में है. 13,000 ट्रेनों में इनकी जगह एसी-III कोच लगाए जाएंगे. साथ ही, स्लीपर कोच की संख्या घटाकर एसी-III कोच बढ़ाने की योजना पर विचार किया जा रहा है. दैनिक भास्कर ने इसे पहली खबर के रूप में जगह दी है. अखबार के मुताबिक यात्रियों द्वारा रुचि न दिखाए जाने की वजह से 143 ट्रेनों में फ्लैक्सी फेयर स्कीम को भी वापस लिया जा सकता है. इसकी जगह यात्री किराए में बढ़ोतरी की जा सकती है.

अखबार ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा है कि ट्रेनों में कोचों की संख्या बढ़ाकर 24 करने की योजना है. इन ट्रेनों में जो अतिरिक्त कोच होंगे वे एसी-III श्रेणी के ही होंगे. बताया जाता है कि रेलवे के इन कदमों के पीछे की वजह एसी-III के कोच से संचालन लागत का निकलना है. जिन ट्रेनों में सभी कोच एसी-III हैं, उनसे रेलवे को फायदा हो रहा है.

उत्तर प्रदेश : मेरठ के मीट कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मीट कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. द हिंदू में छपी खबर के मुताबिक मेरठ नगर निगम द्वारा लाइसेंस रीन्यू नहीं किए जाने की वजह से बड़ी संख्या में मीट कारोबारी विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर हो गए हैं. उनका कहना है कि उनसे उनकी आजीविका का अधिकार छीना जा रहा है.

मीट कारोबारियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि भोजन का चयन और इसका कारोबार जीवन के अधिकार से जुड़ा हुआ है. उनकी मांग है कि या तो उनका लाइसेंस रिन्यू किया जाए या फिर उन्हें कोई वैकल्पिक पेशा उपलब्ध कराया जाए. राज्य में पिछले महीने आई नई सरकार ने बिना वैध लाइसेंस के चलने वाले बूचड़खानों को बंद करने का आदेश दिया था.

स्कूल अपने परिसर में कॉपी, किताबें, स्कूल ड्रेस और स्टेशनरी का सामान न बेचें : सीबीएसई

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अभिभावकों के लिए राहत का ऐलान किया है. हिन्दुस्तान के पहले पन्ने पर छपी खबर के मुताबिक बोर्ड ने कॉपी, किताबें, स्कूल ड्रेस और स्टेशनरी का सामान बेचने वाले स्कूलों को चेतावनी जारी की है. सीबीएसई से मान्यता हासिल स्कूलों से कहा गया है कि वे अपने परिसर में इन चीजों को न बेचें. साथ ही, बाजार में कुछ चयनित दुकानों से इन्हें खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य न करें. बोर्ड ने इन निर्देशों को न मानने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने और उनकी मान्यता रद्द करने की बात कही है.

सीबीएसई ने स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों के इस्तेमाल पर जोर दिया है. बताया जाता है कि बोर्ड को इस बात की शिकायत मिली है कि कुछ स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर अन्य प्रकाशकों की किताबों को खरीदने का दबाव डाला जा रहा है. बोर्ड द्वारा तय नियम में कहा गया है कि पंजीकृत सोसाइटी, ट्रस्ट या कंपनी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्कूल सामुदायिक सेवा के रूप में संचालित हो, न कि कारोबार की तरह.

केंद्र ने आईबी रिपोर्ट के आधार पर प्राधिकरणों और आयोगों के लिए छह पूर्व न्यायाधीशों की उम्मीदवारी खारिज की

केंद्र सरकार ने खुफिया विभाग (आईबी) की जानकारी के आधार पर प्राधिकरणों और आयोगों के लिए छह पूर्व न्यायाधीशों की उम्मीदवारी को खारिज कर दिया है. इनमें दो न्यायाधीश कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत हुए हैं. इनके अलावा दो हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और दो न्यायाधीश रह चुके हैं. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन पूर्व न्यायाधीशों का नाम कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) के पास भेजा गया था. एसीसी ने इन छह में से चार नामों को आईबी रिपोर्ट के आधार पर और दो अन्य नामों को बिना कोई कारण बताए खारिज कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश ने सरकार के इस कदम को चिंताजनक बताया है. उन्होंने अपना नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर कहा, ‘आईबी किस आधार पर सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश को संदेहास्पद बताता है. मैंने कॉलेजियम के सदस्य के रूप में कई रिपोर्टें देखी हैं, इनमें से अधिकांश केवल सुनी-सुनाई बातों पर ही आधारित होती हैं.’

आज का कार्टून

राजस्थान में पहलू खान की गोरक्षकों द्वारा हत्या और तीन तलाक के मुद्दे पर द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित आज का कार्टून :