केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार प्रोजेक्ट टाइगर की तरह ही गायों और गाै-वंश के संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट काऊ शुरू कर सकती है. साथ ही गाय अभयारण्य भी बना सकती है. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने एक साक्षात्कार में ऐसे संकेत दिए हैं. उनका यह साक्षात्कार इंडियन एक्सप्रेस में छपा है.

अहीर ने कहा, ‘हमने (सरकार ने) यह सोचा था और काफी दिन से इस पर काम भी कर रहे हैं. गौ-हत्या पर रोक लगाना है. लेकिन उसमें सबसे बड़ा अड़ंगा ये आता है कि इनको (गायों को) पाले कौन? इसके लिए एक गौ-अभयारण्य बनाने की जरूरत है. और चारा... उसका भी कलेक्शन करना पड़ेगा. हर राज्य में यह होना चाहिए. तभी गौ-हत्या पर रोक लगाना संभव होगा. इससे होगा ये कि किसान बूढ़ी गाय को बेचने नहीं जाएगा. यह एक प्रयास हो सकता है, जैसे टाइगर प्रोजेक्ट... एक काऊ प्रोजेक्ट बना सकते हैं.’ अहीर चंद्रपुर, महाराष्ट्र से भाजपा सांसद हैं. उन्होंने बताया, ‘इस मामले पर पर्यावरण मंत्रालय से बातचीत हो चुकी है. हम इस योजना को तेजी से मूर्त रूप देना चाहते हैं.’ उन्हाेंने इसके साथ ही जोड़ा कि एक चारा बैंक भी स्थापित किया जा सकता है.

देश में कथित गौ-रक्षकों की बढ़ती हिंसक गतिविधियों के मद्देनजर अहीर का यह बयान काफी मायने रखता है. इसी महीने की चार तारीख को अप्रैल में ऐसे ही कुछ लोगों ने अलवर, राजस्थान में पहलू खान नाम के एक किसान की हत्या कर दी थी. वह दूध का कारोबार करता था. यही नहीं, जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार ने सत्ता संभाली है, ऐसी घटनाओं में खासा इजाफा हुआ है. गौ-हत्या पर पूरे देश में पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी तेज हुई है. संभवत: इसी के देखते हुए गुजरात की भाजपा सरकार ने कुछ समय पहले ही राज्य में कानून संशोधित किया है. वहां गौ-हत्या के दोषियों को अब आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है.