प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार में सुधारों के लिए इच्छाशक्ति की कोई कमी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी पार्टियों की आलोचनाओं के बावजूद सरकार ने कुछ सुधार काफी तेजी से किए हैं. खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने ये बातें नई दिल्ली में 11वें लोक सेवा दिवस के मौके पर कहीं. उन्होंने अधिकारियों से इस बात का आत्मनिरीक्षण करने के लिए कहा कि क्या उनका अनुभव बोझ बनता जा रहा है. प्रधानमंत्री का कहना था कि राजनीतिक इच्छाशक्ति सुधार तो ला सकती है लेकिन, बदलाव अधिकारियों के काम और जनता की भागीदारी से ही आ सकता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुधार, प्रदर्शन और बदलाव को सरकार का मूल मंत्र बताया. उन्होंने कहा कि बदलते वक्त के साथ सरकार को नियामक के बजाय दूसरी संस्थाओं को मजबूत बनाने वाली भूमिका निभानी चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘पिछले 15-20 वर्षों में काफी बदलाव हुए हैं. इससे पहले सरकार ही सब कुछ थी. लोग हर चीज के लिए सरकार पर निर्भर थे लेकिन, अब उनके पास विकल्प है.’ इप्रधानमंत्री ने आज के वक्त को प्रतिस्पर्धा का युग बताया. उन्होंने कहा कि लोग सरकारी सेवाओं के बजाय निजी सेवाओं से ज्यादा संतुष्ट दिखते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर के हालात की भी चर्चा की. स्थितियों को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारे फौजी कश्मीर में बाढ़ आने पर लोगों की जान बचाते हैं. लोग उनके लिए तालियां बजाते हैं. यही फौजी पत्थर भी खाते हैं.’ प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को सोशल मीडिया की ताकत के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि इसके जरिये लोगों को जागरुक किया जा सकता है.