आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े एक मामले में शुक्रवार को पहला फैसला आया. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दिल्ली स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने इस मामले में दो लोगों को सात साल की सजा सुनाई है. जम्मू-कश्मीर के अजहर उल इस्लाम और महाराष्ट्र के मोहम्मद फरहान शेख को आईएस के लिए पैसा जुटाने और लोगों की भर्तियां करने का दोषी पाया गया है.

पिछले महीने इन दोनों व्यक्तियों के अलावा अदनान हसन नाम के एक अन्य आरोपित के खिलाफ भी आरोप तय किए थे. हसन के खिलाफ अभी सुनवाई जारी है. एनआईए ने बीते साल 28 जनवरी को इन तीनों लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैर-कानूनी गतिविधि निवारक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. जांच एजेंसी ने इन सभी पर आतंकी गैंग की तरह काम करने, लोगों को सीरिया जाकर आईएस में शामिल होने के लिए उकसाने और उनकी यात्रा का प्रबंध करने का आरोप लगाया था.

देश में आईएस के फैलते दायरे की खबरों के बाद सुरक्षा एजेंसियां काफी सक्रिय हो गई हैं. कल ही छह राज्यों की पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई के तहत देश में अलग-अलग जगहों पर छापे मारे थे. इनमें आईएस के चार संदिग्धों को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है.