बिहार में मिट्टी घोटाले को लेकर आरोपों का सामना कर रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को बड़ी राहत मिली है. खबर के मुताबिक मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने इस मामले में राजद सुप्रीमो के साथ- साथ उनके परिवार के अन्य सदस्यों को क्लीन चिट दे दी है. मुख्य सचिव की रिपोर्ट में मिट्टी घोटाला होने से ही इनकार किया गया है. इसमें कहा गया है कि घोटाला नहीं हुआ है, इसलिए किसी भी शख्स पर कोई आरोप नहीं बनता.

उधर, राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी इस मामले को लेकर लालू यादव के साथ-साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ भी निशाना साध रहे हैं. उन्होंने मिट्टी घोटाले की जांच सीबीआई से कराने के साथ ही सरकार में स्वास्थ्य और पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव के इस्तीफे की मांग की है. इस मुद्दे पर बीते गुरुवार को उन्होंने कहा था, ‘क्या नीतीश कुमार में लालू के बेटे को बर्खास्त करने की हिम्मत है.’

सुशील कुमार मोदी ने लालू परिवार पर पटना में एक मॉल के लिए हो रही खुदाई में निकली मिट्टी को 90 लाख रुपये में संजय गांधी राष्ट्रीय जैविक उद्यान को बेचने का आरोप लगाया है. इस मॉल को बनाने वाली कंपनी में लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे - तेज प्रताप और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी निदेशक हैं. सुशील कुमार मोदी के मुताबिक मिट्टी खपाने के लिए चिड़ियाघर में मिट्टी भराई की योजना बनाकर बिना किसी टेंडर के यह काम इस कंपनी को दिया गया था.

दूसरी ओर, लालू प्रसाद यादव ने भाजपा के आरोपों को गलत बताते हुए इसे उनकी छवि बिगाड़ने की कोशिश बताया था. उनका कहना था कि पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान को मिट्टी नहीं बेची गई है. राजद प्रमुख ने सुशील कुमार मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि आरोप लगाने वाले खुद ही घोटालेबाज हैं.