जाली पासपोर्ट हासिल करने के एक मामले में दिल्ली के पटियाला हाउस स्थित सीबीआई कोर्ट ने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन उर्फ सदाशिव निखलजे के अलावा तीन आरोपितों को दोषी करार दिया है. तीनों आरोपित जयश्री दत्तात्रेय रहाटे, दीपक नटवरलाल शाह और ललिता लक्ष्मणन बेंगलुरु पासपोर्ट आॅफिस के रिटायर्ड अधिकारी हैं. सीबीआई के विशेष जज वीरेंद्र कुमार गोयल ने सोमवार को अपने फैसले में इन सभी को दोषी माना.

सीबीआई कोर्ट इन सभी आरोपितों को कल सजा सुनाएगा. राजन को इस मामले में उम्रकैद तक हो सकती है. उस पर अभी चल रहे 85 से अधिक मामलों में यह पहला है जिसमें उसे सजा मिली. पिछले साल आठ जून को इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे.

छोटा राजन पर आरोप है कि उसने उसने 1998-99 में बेंगलुरु पासपोर्ट ऑफिस के तीन अधिकारियों की सहायता से मोहन कुमार के नाम से फर्जी पासपोर्ट हासिल किया. हालांकि उसने दावा किया था कि वह काफी समय से भारत की सरकारी एजेंसियों के लिए दूसरे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खिलाफ काम कर रहा था. उसने कहा था कि उसे ये पासपोर्ट भारतीय एजेंसियों ने ही मुहैया कराए थे.

वहीं सीबीआई ने इन सब पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने के अलावा पहचान छुपाने के आरोप लगाए थे. तीनों रिटायर्ड अफसर अभी जमानत पर बाहर हैं जबकि राजन अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है.

छोटा राजन को अक्टूबर 2015 में इं​डोनेशिया के बाली से गिरफ्तार किया गया था. नवंबर में उसे भारत लाया गया. उस पर हत्या, हफ्ता वसूली, फिरौती और मादक पदार्थों सहित कई सामानों की तस्करी के 85 से अधिक आरोप हैं. इनमें से महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में करीब 70 मामले विचाराधीन हैं.