दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कार्ट ने फर्जी पासपोर्ट हासिल करने के मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन उर्फ राजन सदाशिव निखलजे को सात साल की सजा सुनाई है. खबर के मुताबिक उस पर चल रहे करीब 70 मामलों में पहली बार उसे सजा मिली है. इसके अलावा इस मामले में जमानत पर रिहा तीनों दोषियों को भी सात साल की सजा दी गई. इनमें बेंगलुरू स्थित पासपोर्ट ऑफिस के सेवानिवृत अधिकारी जयश्री दत्तात्रेय रहाटे, दीपक नटवरलाल शाह और ललिता लक्ष्मणन शामिल हैं. इन सभी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. आठ जून, 2016 को इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए थे.

इससे पहले सोमवार को अदालत ने सभी आरोपितों को दोषी करार दिया था. छोटा राजन साल 1998-99 में बेंगलुरु से मोहन कुमार के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनाने के आरोप में दोषी पाया गया है. इस मामले में जिन तीन और लोगों को दोषी ठहराया गया है, उन्होंने छोटा राजन की मदद की थी. हालांकि, सुनवाई के दौरान छोटा राजन ने अदालत को बताया था कि वह काफी समय से सरकारी एजेंसियों के लिए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खिलाफ काम कर रहा था. इसके साथ ही उसने दावा किया था कि उसे पासपोर्ट उन्होंने ही मुहैया कराए थे. उधर, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इन सभी पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए थे.

अंतरराष्ट्रीय एजेंसी इंटरपोल द्वारा छोटा राजन के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने बाद उसे अक्टूबर, 2015 में इं​डोनेशिया के बाली से गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उसी साल नवंबर में उसे भारत लाया गया. फिलहाल तिहाड़ जेल में कैद राजन के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में हत्या, नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं.