‘छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के समर्थन से भाजपा सत्ता में आई है.’  

— दिग्वि​जय सिंह, कांग्रेस पार्टी के महासचिव और राज्यसभा सांसद

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह का यह बयान सुकमा में सीआरपीएफ जवानों पर नक्सलियों के हमले के बाद आया. उन्होंने भाजपा पर कई राज्यों में अतिवादी समूहों से सांठ-गांठ करके सरकार बनाने का आरोप लगाया. नक्सलवाद का असर रोकने की केंद्र सरकार की नीति को विफल बताते हुए दिग्विजय सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से बात करके नई नक्सल नीति बनाने का सुझाव दिया. उन्होंने आगे कहा कि गांव वालों को भरोसे में लिए बगैर इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता. साथ ही कांग्रेस महासचिव ने नोटबंदी से नक्सलवाद और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं दूर होने के केंद्र सरकार के दावों को निराधार बताया है.

‘तृणमूल कांग्रेस चाहे जितना जोर लगा ले, पश्चिम बंगाल में कमल खिलकर ही रहेगा.’  

— अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का यह दावा देश के पांच राज्यों में भाजपा के विस्तार अभियान का आगाज करते हुए आया. नक्सल आंदोलन की शुरुआत के लिए चर्चित नक्सलबाड़ी में उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस हिंसा फैलाने का काम कर रही है. अमित शाह ने आगे कहा कि साढ़े तीन लाख कार्यकर्ताओं के सहयोग से राज्य के अगले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक सीटें भाजपा को ही मिलेंगी. भाजपा इस समय उन राज्यों को लेकर विशेष रणनीति पर काम कर रही है, जहां पिछले चुनावों में उसका प्रदर्शन कमजोर रहा है.


‘जो लोग भी गाय की तस्करी करेंगे, मारे जाएंगे.’  

— ज्ञानदेव आहूजा, राजस्थान के भाजपा विधायक

राजस्थान के भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा का यह बयान अलवर जिले में गोरक्षकों के हमले में एक व्यक्ति की मौत को सही ठहराते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘मुझे अलवर में मारे गए पहलू खान की मौत पर कोई अफसोस नहीं है, क्योंकि वह गो तस्कर था.’ ज्ञानदेव आहूजा ने यह भी दावा किया कि पहलू खान की मौत पिटाई से नहीं, बल्कि सदमे से हुई थी. उन्होंने पहलू खान की हत्या के सभी आरोपितों को देशभक्त बताया और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया. ज्ञानदेव आहूजा इससे पहले जेएनयू के बारे में आ​पत्तिजनक टिप्पणी करने की वजह से सुर्खियों में रह चुके हैं.


‘भारत के प्रधानमंत्री पाकिस्तान के साथ शांति कायम करना नहीं चाहते.’  

— परवेज मुशर्रफ, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने यह बात भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कही. येल यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भले ही इस्लामिक मुल्क हो, लेकिन उसने कभी किसी इस्लामिक पार्टी को सत्ता में नहीं आने दिया, जबकि भारत में अभी कट्टर हिंदूवादी पार्टी सत्ता में है. परवेज मुशर्रफ ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान में इस्लामिक कट्टरपंथ के उभार की जड़ में अमेरिका है, जिसने अफगानिस्तान में रूस को हराने के लिए वहां जिहाद शुरू किया था.