उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के कामकाज में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का कितना दखल है, इसका संकेत देती एक और खबर सामने आई है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक केंद्र सरकार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के नौ अफसरों को उत्तर प्रदेश भेजने की योजना बना रही है. ये सभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सचिवालय में तैनात किए जा सकते हैं.

सूत्र बताते हैं कि इन अफसरों को उत्तर प्रदेश भेजने संबंधी प्रस्ताव खुद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने तैयार किया है. इसे आगे की कार्रवाई के लिए इसी 12 अप्रैल को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने कैबिनेट सचिव को भेज दिया है. चुने गए सभी अधिकारी उत्तर प्रदेश कैडर के ही हैं. हालांकि उन्हें वापस लखनऊ भेजने के प्रस्ताव को अभी अंतिम रूप से हरी झंडी नहीं दी जा सकी है क्योंकि जिन अधिकारियों को भेजा जाना है, उनकी सहमति लिए जाने की प्रक्रिया चल रही है. सूत्र यह भी बताते हैं कि नौ में से दो अफसरों ने निजी कारणों से उत्तर प्रदेश वापस जाने में अपनी असमर्थता भी प्रकट कर दी है.

खबर के मुताबिक, चुने गए अधिकारी केंद्र में संयुक्त सचिव स्तर के हैं. ये सभी फिलहाल कैबिनेट सचिव के दफ्तर और वाणिज्य, मानव संसाधन विकास, खाद्य, कपड़ा, स्वास्थ्य एवं आयुष, यूआईडीएआई और एमएमटीसी में पदस्थ हैं. इन्हें राज्य में विभिन्न विभागों के सचिव या प्रमुख सचिव के तौर पर तैनात किए जाने की संभावना है. गौरतलब है कि बड़े पैमाने पर राज्य की अफसरशाही में तीन बार फेरबदल कर लेने के बावजूद अब तक मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को मनपसंद अफसर नहीं मिल पाए हैं. राज्य सचिवालय में सिर्फ चार अफसरों को ही अपने हिसाब से तैनाती दे पाए हैं. बाकी अखिलेश सरकार के समय से कार्यरत अफसर ही कामकाज देख रहे हैं. संभवत: इसीलिए मोदी सरकार ने अपने अफसर वहां भेजने का फैसला किया है.