प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरिद्वार में बाबा रामदेव के पतंजलि अनुसंधान संस्थान का उद्घाटन किया. इस मौके पर बाबा रामदेव द्वारा मिली ‘राष्ट्र ऋषि’ की उपमा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बाबा ने ऐसा सम्मान देकर आश्चर्यचकित कर दिया है. प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘आपको जो भी सम्मान मिलता है, उसके पीछे अपेक्षाएं होती हैं. ऋषि का सम्मान देकर उन्होंने मेरी जिम्मेदारी बढ़ा दी है. मुझे भारत के लोगों के आशीर्वाद पर पूरा भरोसा है, वे ही मेरी ऊर्जा के स्रोत हैं.’

नई स्वास्थ्य नीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार बीमारियों को होने से पहले उन्हें रोकने पर ध्यान दे रही है. लोगों से गंदगी न फैलाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, ‘कोई बड़ा संकल्प लेने की जरूरत नहीं है, फांसी पर लटकने की जरूरत नहीं है, सीमा पर जाकर जवानों की तरह मरने-मिटने की जरूरत नहीं है. बस छोटा सा काम करना है और वह सोचना कि मैं गंदगी नहीं करूंगा.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को बढ़ावा देने में बाबा रामदेव के योगदान की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, ‘योग भारत के ऋषि-मुनियों की परंपरा रही है. बाबा रामदेव ने योग को आंदोलन बना दिया. विश्वभर में लोग आज योग की बात करते हैं.’ प्रधानमंत्री ने पतंजलि रिसर्च सेंटर को आयुर्वेद को आगे ले जाने की दिशा में बड़ा कदम बताया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले केदारनाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की थी. इस यात्रा में उनके साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और राज्यपाल कृष्णकांत पॉल मौजूद थे. बुधवार को छह महीने बाद केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले हैं.