अफगानिस्तान में तालिबानी हमलों में बढ़ोत्तरी होती दिख रही है. बुधवार की सुबह राजधानी काबुल में नाटो गठबंधन सेना के काफिले को निशाना बनाकर आत्मघाती हमला किया गया है. इसमें नौ लोग मारे गए और कम से कम 28 लोग घायल हो गए. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हमला काबुल के सबसे व्यस्त इलाके में नाटो सेना की बख्तरबंद गाड़ियों को निशाना बनाकर किया गया, जिससे आसपास खड़ी गाड़ियां तबाह हो गईं. काबुल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस हमले में नौ नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है.

अफगानिस्तान में नाटो के नेतृत्व वाले ‘रिजॉल्यूट सपोर्ट मिशन’ के प्रवक्ता और अमेरिकी नौसेना के कैप्टन बिल सॉल्विन ने इस हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की जानकारी दी है. उन्होंने आगे कहा कि सुरक्षाकर्मियों के आवागमन के लिए इस्तेमाल होने वाली इन बख्तरबंद गाड़ी को ऐसे बड़े हमले झेलने के लिए तैयार किया गया था, इसी वजह से वे भीषण आत्मघाती हमले के बाद भी बच गईं.

नाटो के काफिले पर इस हमले को तालिबान की हालिया धमकी से जोड़कर देखा जा रहा है. बीते हफ्ते तालिबान ने विदेशी सेना के खिलाफ ऑपरेशन मनसौरी शुरू करने की घोषणा की थी. तालिबान ने कहा था कि जब तक विदेशी फौजें आखिरी चौकी को खाली नहीं कर देती, उनके खिलाफ हमले किए जाते रहेंगे. तालिबान ने पिछले महीने मजार-ए-शरीफ में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर हमला किया था, जिसमें कम से कम 140 अफगान सैनिक मारे गए थे.