‘गिलानी अपने बच्चों को जिहाद में शामिल क्यों नहीं करवाते?’   

— जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का यह बयान अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की सेना के स्कूलों का बहिष्कार करने अपील पर आया. जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘तर्क के इस युग में कश्मीरी युवाओं को सैयद अली शाह गिलानी से पूछना चाहिए कि अगर जिहाद इतना ही महान है तो वे अपने बच्चों को पढ़ाई और नौकरी छोड़कर साथ आने के लिए क्यों नहीं कहते? आखिर उनकी अपील आम लोगों पर ही क्यों लागू होती है?’ सैयद अली शाह गिलानी पर कश्मीरियों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए जितेंद्र सिंह ने युवाओं से विकास के रास्ते पर चलने की अपील की है.

‘नीतीश कुमार को शहाबुद्दीन टेपकांड की अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा.’  

— सुशील कुमार मोदी, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री

भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी का यह बयान तिहाड़ जेल में बंद बाहुबली नेता शहाबुद्दीन और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बातचीत का ऑडियो टेप सामने आने के बाद आया. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘अब साबित हो गया कि बिहार सरकार अपराधियों के इशारे पर चल रही है. ऐसे में यह सरकार कानून का राज कैसे कायम कर सकती है?’ सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद यादव पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए चारा घोटाले में उन्हें मिली जमानत को रद्द करने की मांग की.


‘रेटिंग एजेंसियां जमीनी हकीकत से बहुत दूर हैं.’ 

— शक्तिकांत दास, आर्थिक मामलों के ​सचिव

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास का यह बयान दुनिया की प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों पर भारत की गलत रेटिंग करने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था में चौतरफा सुधार हुआ है. लेकिन, इस दौरान हमसे खराब प्रदर्शन करने वाले देशों को बेहतर रेटिंग मिली है.’ रेटिंग एजेंसियों पर तंज कसते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ. उन्होंने यह भी दावा किया कि आर्थिक मोर्चे पर पिछले दो-तीन साल में भारत जैसा प्रदर्शन दुनिया के गिनेचुने देशों का ही रहा है.


‘भारत के रवैये से दुखी होकर पाकिस्तान सार्क सैटेलाइट प्रोजेक्ट से अलग हुआ था.’  

— नफीस जकारिया, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

नफीस जकारिया का यह बयान दक्षिण एशिया सैटेलाइट की शुक्रवार को लॉन्चिंग के बाद आया. उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के काठमांडु सम्मेलन में भारत ने सदस्य देशों के लिए तोहफे के तौर पर इसे पेश किया था और भारत ने इसके निर्माण, प्रक्षेपण और परिचालन में किसी अन्य देश को शामिल करने से इनकार कर दिया था. नफीस जकारिया ने कहा कि जब सब कुछ भारत को ही करना था तो इसे ‘सार्क सैटेलाइट’ क्यों कहा जाता? भारत पर पाकिस्तान के सहयोग के प्रस्ताव की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी अंतरिक्ष कार्यक्रम विकसित दौर में पहुंचने वाला है.