‘नीतीश अगर लालू का साथ छोड़ दें तो भाजपा उन्हें समर्थन दे सकती है.’  

— सुशील कुमार मोदी, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री

भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी का यह बयान ​चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव पर अलग-अलग मुकदमा चलाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आया. उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार अभी लालू प्रसाद यादव का साथ नहीं छोड़ेंगे, बल्कि मुकदमों में फंसे कमजोर लालू के साथ रहना पसंद करेंगे.’ उन्होंने आगे कहा कि लालू प्रसाद यादव के कमजोर होने से उनके बेटे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने घुटने टेके रहेंगे. सुशील कुमार मोदी का यह भी कहना था कि नीतीश कुमार केवल सत्ता में बने रहना चाहते हैं, उनका अब विकास और सुशासन से कोई मतलब नहीं रह गया है.

‘मैंने जिस अरविंद केजरीवाल को पूजा वह कोई और था.’   

— कपिल मिश्रा, दिल्ली के पूर्व मंत्री

आम आदमी पार्टी के नेता कपिल मिश्रा ने यह बयान इस दावे के साथ आया कि अरविंद केजरीवाल पर उनके आरोपों को पीछे कोई लालच नहीं है. उन्होंने ने कहा कि वे भाजपा के एजेंट नहीं हैं, कभी भाजपा में नहीं जाएंगे और हमेशा आप में बने रहेंगे. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल के साढ़ू को दिलाई गई जमीन के बदले मुख्यमंत्री को दो करोड़ रुपए मिले थे. कपिल मिश्रा ने पार्टी पर पैसे के बदले टिकट बांटने का भी आरोप लगाया. उधर, आम आदमी पार्टी ने कपिल मिश्रा के सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है.


‘नक्सलियों तक पैसे और हथियार की पहुंच को रोकना होगा.’   

— राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री

गृहमंत्री राजनाथ सिंह का यह बयान नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की दिल्ली में आयोजित बैठक में आया. नक्सल समस्या से निपटने के लिए ‘समाधान’ नाम से आठ सूत्रों को बताते हुए उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित सभी राज्य इसे ‘लक्ष्य की एकता’ के रूप में स्वीकार करें. राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए लंबी अवधि की रणनीति अपनानी होगी. नक्सलियों तक हथियारों की पहुंच रोकने के लिए उन्होंने हथियारों में ट्रैकर लगाने का सुझाव दिया. गृहमंत्री का कहना था कि बीते दो दशक में नक्सली हिंसा में बारह हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं.


‘चीन नाभिकीय आपूर्तिकर्ता समूह में किसी भी देश की सदस्यता का विरोध नहीं करता.’   

— लुओ झाओहुई, भारत में चीन के राजदूत

चीन के राजदूत लुओ झाओहुई का यह बयान परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता को लेकर चीन का रुख साफ करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘चीन का मानना है कि सबसे पहले प्रवेश के नियम पर सहमति बनाई जाए और इसके बाद खास मुद्दों पर चर्चा की जाए.’ भारतीय और चीनी अर्थव्यवस्था की तुलना करते हुए लुओ झाओहुई ने कहा कि भारत अभी चीन से 13 साल पीछे है, जिसकी वजह भारतीय अर्थव्यवस्था में तकरीबन 13 साल देरी से उदारीकरण का आना है. लुओ झाओहुई का कहना था कि चीन की ‘वन बेल्ट, वन रोड’ परियोजना दोनों देशों के हित में है.