सुनी-सुनाई है कि अरविंद केजरीवाल की सबसे कमजोर कड़ी फिलहाल दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन बन गए हैं. केजरीवाल उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आगे ऐसा करना मुश्किल है. कहा जा रहा है कि सीबीआई और आयकर विभाग को सत्येंद्र जैन के खिलाफ कुछ पक्के सबूत मिल गए हैं और उनके खिलाफ बहुत जल्द एफआईआर दर्ज हो सकती है.

सत्येंद्र जैन पर हवाला के जरिए काले धन को सफेद करने का आरोप है. सीबीआई के सूत्र बताते हैं कि इस बात के सबूत मिले हैं कि वे पैसे को हवाला के जरिए दिल्ली से कोलकाता भेजते थे और वहां से उसे उनकी कंपनी को ट्रांसफर कर दिया जाता था.

सुनी-सुनाई है कि सीबीआई के पास सत्येंद्र जैन के खिलाफ सिर्फ एक सबूत या मामला नहीं है. सत्येंद्र जैन की बेटी सौम्या जैन को दिल्ली हेल्थ मिशन में सलाहकार बनाने की फाइल की भी जांच चल रही है. इस मामले में भी शुरुआती जांच पूरी हो चुकी है और बहुत जल्द इसमें भी एफआईआर हो सकती है.

आयकर विभाग के वरिष्ठ अफसरों के बीच बात फैली हुई है कि सत्येंद्र जैन करीब 16 करोड़ के काले धन को सफेद करने के लिए पेनाल्टी भी भर चुके हैं. हालांकि उन्हें मोदी सरकार की एमनेस्टी स्कीम का फायदा मिलना मुश्किल है क्योंकि इसके शुरू होने से पहले ही उनकी जांच शुरू हो चुकी थी. इसलिए 16 करोड़ की यह रकम ही अब सत्येंद्र जैन के खिलाफ सबसे अहम सबूत बन सकती है.

अब तक सत्येंद्र जैन पर जितने भी आरोप लगे हैं अरविंद केजरीवाल ने जमकर उनका बचाव किया है. लेकिन अब उनकी कैबिनेट से निकाले गए कपिल मिश्रा ने सत्येंद्र जैन के साथ-साथ उन्हें भी लपेट लिया है. कपिल मिश्रा ने कहा है कि सत्येंद्र जैन ने केजरीवाल को दो करोड़ रुपए उनके सामने दिए थे. उन्होंने दिल्ली के एक फॉर्म हाउस में केजरीवाल के रिश्तेदार की 50 करोड़ की ज़मीन की डील जैन द्वारा करवाने की बात भी कही है. और यह भी कि लोक निर्माण विभाग में भी दस करोड़ के फर्जी बिल पास करवाए गए थे.

अब कपिल मिश्रा ने खुद सीबीआई में शिकायत दर्ज की है और वे गवाह बनने के लिए भी तैयार हैं. दिल्ली के एंटी करप्शन ब्यूरो ने भी कपिल मिश्रा की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. हर बड़े आरोप के केंद्र में सत्येंद्र जैन हैं. तीनों संस्थाएं फिलहाल अरविंद केजरीवाल को तो नहीं छूना चाहतीं, लेकिन सत्येंद्र जैन के बारे में कहा जा रहा है कि उनका बच पाना मुश्किल है.