इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ का यह फैसला उत्तर प्रदेश के गोश्त कारोबारियों के लिए राहत लेकर आया है. शुक्रवार को जस्टिस एपी शाही और जस्टिस संजय हरकौली की बेंच ने योगी सरकार को बूचड़खानों और गोश्त की दुकानों के लिए पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण करने और नए लाइसेंस जारी करने का आदेश दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार फैसला सुनाते समय अदालत ने यह भी कहा कि बूचड़खानों को बनवाना स्थानीय निकायों का काम है. अदालत ने सरकार और संबंधित विभाग से बूचड़खानों के लिए नए लाइसेंस जारी करने और पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण करने की स्थिति के बारे में 17 जुलाई को सूचना देने का निर्देश दिया है.

इलाहाबाद हाई कोर्ट का यह फैसला गोश्त कारोबारियों की उस याचिका पर आया, जिसमें उन्होंने सरकार पर आवेदन करने के बावजूद लाइसेंस का नवीनीकरण न करने और नया लाइसेंस जारी न करने का आरोप लगाया था. इससे जुड़ी अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद हाई कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

उत्तर प्रदेश में 19 मार्च को मुख्यमंत्री का पद संभालने के साथ योगी आदित्यनाथ ने अवैध बूचड़खानों के खिलाफ अभियान चलाया था. हालांकि, इसके बाद गोश्त कारोबारी यह कहते हुए हड़ताल पर चले गए थे कि बूचड़खानों और गोश्त की दुकानों के लिए लाइसेंस होने के बावजूद पुलिस और स्थानीय निकाय के कर्मचारी उन्हें परेशान कर रहे हैं.