चुनाव आयोग द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के मुद्दे पर बुलाई गई बैठक से जुड़ी खबरों को आज के सभी प्रमुख अखबारों ने अपने पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक आयोग ने ईवीएम से किसी प्रकार की छेड़छाड़ की आशंका को खारिज किया है. साथ ही आगे होने वाले सभी चुनावों में वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) मशीनों का इस्तेमाल किए जाने की बात कही है. इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने राजनीतिक पार्टियों को ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोपों को साबित करने का मौका देने की भी बात कही.

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को बूचड़खानों और मांस की दुकानों के पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण करने और नए लाइसेंस जारी करने का आदेश दिया है. यह खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. अदालत ने सरकार और संबंधित विभाग से इस संबंध में 17 जुलाई को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. इसके अलावा अखबारों ने तीन तलाक के मामले में सलमान खुर्शीद के उस बयान को भी प्रमुखता से छापा है जिसमें उन्होंने कहा कि ‘तीन तलाक को किसी भी तरह से संवैधानिक वैधता नहीं दी जा सकती.’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील खुर्शीद सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमित्र की भूमिका में हैं.

स्वच्छ भारत अभियान के तहत निर्मित 60 फीसदी शौचालयों पानी की पर्याप्त आपूर्ति के बिना बेकार

स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाये गये 60 फीसदी शौचालय पानी की पर्याप्त आपूर्ति न होने की वजह से इस्तेमाल के लायक नहीं हैं. साथ ही गांवों में अभी भी 55.4 फीसदी लोग खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं. शहरों में ऐसे लोगों की संख्या 7.5 फीसदी है. हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक ये बातें नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) द्वारा किए गए सर्वे में सामने आई हैं. इस सर्वे के नतीजे अक्टूबर, 2019 तक देश को खुले में शौच करने से मुक्त करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर सवालिया निशान लगाते हैं.

अखबार ने एनएसएसओ की सर्वे रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि देश में साफ-सफाई संबंधी बुनियादी ढांचे में सुधार तो हुआ है, लेकिन इस दिशा में अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है. मोदी सरकार के आने के बाद से सब्सिडी की मदद से पूरे देश में करीब 3.5 करोड़ नए शौचालय बने हैं.

अमेरिका ने हाफिज सईद के संगठन जमात-उद दावा पर प्रतिबंध लगाया

अमेरिका ने पाकिस्तान स्थित मुंबई हमले के मुख्य आरोपित हाफिज सईद के संगठन जमात-उद दावा (जेयूडी) पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसके साथ ही उसने इस्लामिक स्टेट (आईएस), लश्कर-ए तैयबा, तालिबान और जमात उल दावा उल कुरान जैसे आंतकी संगठनों को भी प्रतिबंधित कर दिया है. हिन्दुस्तान ने इस खबर को अपने पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक अमेरिका के इस कदम का मकसद संगठनों द्वारा आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने वाले नेटवर्क को खत्म करना है.

अमेरिकी वित्त विभाग के निदेशक जॉन स्मिथ ने कहा कि पाकिस्तान सरकार आतंकियों पर लगाम लगाने में नाकाम रही है. इसके अलावा अमेरिकी संसद में नेशनल इंटेलीजेंस के निदेशक डेनियल कोट्स ने कहा है कि पाकिस्तान स्थित आंतकी समूह भारत और अफगानिस्तान पर बड़े हमले की साजिश रच रहे हैं.

मेक इन इंडियाकी जगह अब बाय इन इंडियाको तेजी से बढ़ावा देने पर सरकार का जोर

मोदी सरकार ‘मेक इन इंडिया’ की जगह अब ‘बाय इन इंडिया’ को तेजी से बढ़ावा देते हुए दिख रही है. बिजनेस स्टैंडर्ड ने इसे अपनी पहली खबर के रूप में जगह दी है. अखबार के मुताबिक सरकार द्वारा घरेलू खरीद नीति को प्राथमिकता देने के लिए एक व्यापक नीति पर काम किया जा रहा है. एक सूत्र के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने हाल ही में प्रस्तावित नीति की रूपरेखा पर बैठक की थी. माना जा रहा है कि सरकार इस नीति को जल्द ही ला सकती है.

‘बाय इन इंडिया’ नीति पर अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इसमें ऐसे क्षेत्रों को शामिल किया जा सकता है, जिनमें सरकार सबसे बड़ी खरीदार है जैसेकि इंजीनियरिंग, मशीनरी और कागज आदि. बताया जाता है कि नई नीति में ‘स्वदेशी’ का दायरा ज्यादा व्यापक होगा. हालांकि इस मामले के जानकारों में से कुछ का मानना है कि घरेलू खरीद को तरजीह देने पर हमेशा से ही विवाद होता रहा है. साथ ही इसे विश्व व्यापार संगठन में भी चुनौती दी जा सकती है. भारत ऐसे समय में यह कदम उठा रहा है जब अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों में आर्थिक राष्ट्रवाद जोर पकड़ रहा है.

भारतीय सेना का काम आतंकियों को कश्मीरी लोगों से अलग कर उन्हें निशाने पर लेना है : सेना प्रमुख

भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सभी कश्मीरी लोगों के आंतकी घटनाओं में शामिल होने से इनकार किया है. सेना प्रमुख ने द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में कहा, ‘कुछ लोग हैं जो आंतकी और हिंसक घटनाओं में शामिल हैं. हमारा काम आतंकियों को कश्मीरी लोगों से अलग कर उनको निशाने पर लेना है.’ साथ ही उन्होंने लेफ्टिनेंट उमर फयाज की बीते बुधवार को आंतकियों द्वारा हत्या किए जाने की घटना की सभी कश्मीरी लोगों द्वारा निंदा किए जाने पर भी जोर दिया.

जनरल बिपिन रावत ने इस आरोप को भी खारिज किया कि सेना पूरी कश्मीर घाटी में व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाने पर विचार कर रही है. इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. सूत्रों के मुताबिक भारतीय सेना द्वारा दक्षिण कश्मीर के गावों में लोगों को एक जगह इकट्ठा कर कुछ घरों में शरण लिए आंतकियों को जंगल की ओर वापस लौटने के लिए मजबूर करने की तैयारी की जा रही है. माना जाता है कि जंगलों में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के दौरान सफलता की उम्मीद अधिक होती है.

आज का कार्टून

कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश सीएस कर्णन मामले पर द एशियन एज में प्रकाशित आज का कार्टून :

उन्होंने खुद को जमानत दे दी है... अब हम क्या कर सकते हैं, सर?
उन्होंने खुद को जमानत दे दी है... अब हम क्या कर सकते हैं, सर?