विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हैपेटाइटिस के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के मकसद से दक्षिण पूर्व एशिया में अमिताभ बच्चन को गुडविल एंबेसडर नियुक्त किया है. डब्ल्यूएचओ की दक्षिण पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक पूनम क्षेत्रपाल सिंह ने इस नियुक्ति की घोषणा करते हुए इसे ‘ऐतिहासिक’ करार दिया.

पूनम ने कहा, ‘इस कदम से (अमिताभ की नियुक्ति से) हैपेटाइटिस के खिलाफ डब्ल्यूएचओ के अभियान को मजबूती मिलेगी.’ वहीं अमिताभ ने कहा, ‘मुझे अहसास है कि इस किस्म की बीमारी किसी को किस हद तक अक्षम बना देती है. पहले मुझे नहीं पता था कि हैपेटाइटिस क्या होता है? इसका पता कैसे चलता है? लेकिन जैसे ही पता चला तो मुझे महसूस हुआ कि इस बीमारी को समूल खत्म करने में भले न सही, पर लोगों को इसके प्रति जागरूक करने में तो मैं अपना योगदान दे ही सकता हूं.’

गौरतलब है कि अमिताभ बच्चन खुद हैपेटाइटिस की चपेट में आ चुके हैं. उन्हें 1982 में हुई एक दुर्घटना के बाद जब अस्पताल में खून चढ़ाया गया तो उसी दौरान हैपेटाइटिस वायरस भी उनके शरीर में दाखिल हो गया. इससे उनका लिवर करीब 75 फीसदी तक खराब हो चुका है. खुद अमिताभ ने इसके बारे में बताया, ‘सौभाग्य से मेडिकल टीम ने मुझे बताया है कि मैं बाकी बचे हुए 25 फीसदी (लिवर) की बदौलत भी जिंदा रह सकता हूं.’ वैसे डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के ही मुताबिक, दक्षिण-पूर्व एशिया में हर साल 4,10,000 लोग हैपेटाइटिस से जान गवां बैठते हैं.