चारा घोटाला : लालू यादव को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक साजिश का मामला चलाने का आदेश दिया | सोमवार, 08 मई 2017

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक शीर्ष अदालत ने लालू प्रसाद यादव और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश व अन्य धाराओं के तहत मामलों की अलग-अलग सुनवाई करने और इसे नौ महीने में पूरी करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर यह फैसला सुनाया है, जिसमें झारखंड हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी.

झारखंड हाई कोर्ट ने 2014 में लालू प्रसाद यादव और अन्य को राहत देते हुए आपराधिक साजिश, विश्वास हनन और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कई आरोपों को हटा लिया था. इसके अलावा हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर किसी मामले में सजा मिल चुकी है, तो उन्हीं सबूतों और गवाहों के आधार पर दूसरी सुनवाई नहीं हो सकती.

हालांकि, सीबीआई की याचिका पर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 20 अप्रैल को ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और सभी पक्षों से अपनी राय लिखित में देने के लिए कहा था. चारा घोटाला 1990 से लेकर 1997 के बीच बिहार के पशुपालन विभाग द्वारा अलग-अलग जिलों में 1,000 करोड़ रुपये के गबन से जुड़ा है. इस समय लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे.

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन को अवमानना का दोषी माना, छह महीने कैद की सजा सुनाई | मंगलवार, 09 मई 2017

सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सीएस कर्णन के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाया है. मंगलवार को चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने जस्टिस कर्णन को सुप्रीम कोर्ट, न्यायपालिका और न्यायिक प्रक्रिया की अवमानना का दोषी मानते हुए उन्हें छह महीने की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने का भी आदेश दिया है.

सोमवार को जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर सहित सात न्यायाधीशों को पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी. जस्टिस कर्णन ने इन सभी जजों को अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार रोकथाम कानून-1989 और संशोधन अधिनियम-2015 के तहत दोषी ठहराया था. इसके अलावा जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के इन जजों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. जस्टिस कर्णन ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि जुर्माना न चुकाने की सूरत में इन सभी को छह माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी पड़ेगी.

मायावती ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनके बेटे को बहुजन समाज पार्टी से बाहर निकाला | बुधवार, 10 मई 2017

उत्तर प्रदेश में बसपा ने एक बड़ा कदम उठाते हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनके बेटे अफजाल सिद्दीकी को पार्टी से निकाल दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार बसपा ने उन पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए यह कार्रवाई की है. बुधवार को बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में नसीमुद्दीन सिद्दीकी की निगरानी वाले निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब था, जिसकी वजह से नेता उनका विरोध कर रहे थे और हटाने की मांग कर रहे थे.

रिपोर्ट के मुताबिक सतीश चंद्र मिश्रा ने आगे कहा कि नसीमुद्दीन को मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने उसे नहीं संभाला. उन्होंने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर बेनामी संपत्ति बनाने, दूसरों के नाम पर बूचड़खाने चलाने और बसपा के नाम पर लोगों से पैसे वसूलने का भी आरोप लगाया. सतीश चंद्र मिश्रा का यह भी कहना था कि इन गतिविधियों की जानकारी होने पर नसीमुद्दीन को जवाब देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे आए ही नहीं.

राज्य सरकार ने फिर से योगी आदित्यनाथ पर मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी | गुरुवार, 11 मई 2017

उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ 2007 के गोरखपुर दंगा मामले में मुकदमा चलाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि मुख्य सचिव ने इसकी इजाजत नहीं दी है. भारतीय दंड संहिता की धारा-153ए (सांप्रदायिक दंगा भड़काना) के तहत मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी होती है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस रमेश सिन्हा और उमेश चंद्र श्रीवास्तव की बेंच ने पिछले हफ्ते योगी आदित्यनाथ व अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने में देरी के लिए राज्य सरकार की खिंचाई की थी. इसके अलावा मुख्य सचिव को 2007 के गोरखपुर दंगे से जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ पेश होने के लिए कहा था.

इस मामले में दिलचस्प यह है कि पूर्ववर्ती सपा सरकार ने भी मामले को लटकाये रखा था और योगी आदित्यनाथ और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी थी. इस मामले में योगी आदित्यनाथ के साथ विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल और गोरखपुर की तत्कालीन मेयर अंजू चौधरी भी आरोपित हैं. आदित्यनाथ सहित इन दोनों पर आरोप है कि इनके भाषणों ने शहर में दंगा भड़काने का काम किया था. 27 जनवरी 2007 को यह दंगा ताजिये के जुलूस के रास्ते को लेकर विवाद के बाद भड़का था.

नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार को झटका, हाई कोर्ट ने आयकर विभाग को जांच की मंजूरी दी | शुक्रवार, 12 मई 2017

नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने गांधी परिवार को तगड़ा झटका दिया है. अदालत ने शुक्रवार को एक अहम फैसले में आयकर विभाग को इस मामले की जांच के लिए मंजूरी दे दी. इस केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी आरोपित हैं. खबरों के मुताबिक, आयकर विभाग अब सोनिया और राहुल गांधी की हिस्सेदारी वाली कंपनी ‘यंग इंडियन’ के खातों में कथित हेराफेरी की जांच करेगा. आयकर अधिकारी सोनिया और राहुल से पूछताछ भी कर सकते हैं.

भाजपा नेता और राज्य सभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में इस मामले में पहले पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर की थी. इसमें उन्होंने जांच की मांग करते हुए नेशनल हेराल्ड अखबार की प्रकाशक कंपनी एसोसिएट जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के अकाउंट और बैलेंस शीट से जुड़े दस्तावेज मांगे थे. लेकिन निचली अदालत ने उनकी अर्जी खारिज कर दी. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी. याचिका में स्वामी का आरोप है कि कांग्रेस नेताओं ने धोखाधड़ी के जरिए एजेएल की करीब 5,000 करोड़ रुपए की संपत्ति सिर्फ 50 लाख रुपये में हड़पी है.

देश में पहली बार : कोच्चि मेट्रो में 23 ट्रांसजेंडर कर्मचारी भी नियुक्त किए जाएंगे | शनिवार, 13 मई 2017

केरल की कोच्चि मेट्रो में 23 ट्रांसजेंडर कर्मचारी भी नियुक्त किए जा रहे हैं. चयनित किए गए 530 कर्मचारियों की सूची में ये शामिल हैं. डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक, ट्रांसजेंडरों को उनकी योग्यता के हिसाब से टिकट खिड़की पर या हाउसकीपिंग (देख-भाल की व्यवस्था) आदि में तैनात किया जा सकता है.

खबर के अनुसार, देश में पहली बार किसी सरकारी प्रतिष्ठान में ट्रांसजेंडरों को इस तरह नियुक्ति दी जा रही है. सभी का चयन आम प्रतिभागियों की तरह लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से हुआ है. इन्हें जरूरी प्रशिक्षण देने के बाद मौजूदा सभी 11 स्टेशनों पर तैनात किया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही निर्देश मिलते हैं, सभी कर्मचारियों की तैनाती कर दी जाएगी.