नीदरलैंड स्थित इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा सुनाई फांसी की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है. गुरुवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए आईसीजे के अध्यक्ष रॉनी अब्राहम ने पाकिस्तान सरकार से कहा कि जब तक इस कोर्ट में मामला चल रहा है, तब तक जाधव की फांसी की सजा पर अमल नहीं होना चाहिए. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि पाकिस्तान भारतीय राजनयिकों को जाधव से मिलने की अनुमति दे. सोशल मीडिया में इस फैसले पर खुशी जताते हुए ढेरों टिप्पणियां आई हैं. यहां इस मामले से जुड़े अलग-अलग टॉपिक ट्रेंड कर रहे हैं.

इस मामले में भारतीय पक्ष की पैरवी जाने-माने वकील हरीश साल्वे कर रहे हैं और उन्होंने इसके लिए मात्र एक रुपये की फीस ली है. सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया है, ‘आईसीजे के सामने इतनी कुशलता से भारत का पक्ष रखने के लिए हम हरीश साल्वे के आभारी हैं.’ गिनी खान का कहना है, ‘हरीश साल्वे ने भले ही एक रुपया लिया लेकिन उन्होंने एक अरब 30 करोड़ लोगों के दिल जीते हैं.’ इस फैसले को पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. इसका जिक्र करते हुए सोशल मीडिया में पाकिस्तान पर तंजभरी टिप्पणियों की भी भरमार है. ट्विटर हैंडल @PKBansall पर ऐसी ही एक प्रतिक्रिया है, ‘अब तक पाकिस्तान सिर्फ आतंकवाद से पीड़ित था लेकिन अब अंतर्राष्ट्रीय अन्याय से पीड़ित देश भी बन गया है.’

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने बुधवार को कहा था कि पार्टी प्रमुख शरद पवार राष्ट्रपति पद की दौड़ में नहीं हैं. उनके मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद पवार के सामने यह प्रस्ताव रखा था कि गैरभाजपा दलों का गठबंधन उन्हें राष्ट्रपति चुनाव में अपना प्रत्याशी बनाना चाहता है, लेकिन पार्टी प्रमुख ने यह प्रस्ताव नकार दिया. सोशल मीडिया में इस खबर को कांग्रेस और भाजपा विरोधी दलों के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है. वहीं कुछ लोगों ने कांग्रेस के इस प्रस्ताव पर हैरानी जताई है. देबरती मजूमदार ने इस पर चुटकी ली है, ‘कांग्रेस चाहती है कि शरद पवार राष्ट्रपति चुनाव लड़ें. आपको हैरानी नहीं होनी चाहिए अगर कांग्रेस 2019 में सुरेश कलमाड़ी को अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बना दे.’ पवार के इस प्रस्ताव को नकारने की एक वजह बताते हुए दीपक ने ट्विटर पर लिखा है, ‘अगर जीतने को लेकर आश्वस्त न हों तो शरद पवार कभी नहीं लड़ते.’

इन दोनों मामलों पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

कृष्णा | @Atheist_Krishna

पूरी दुनिया में पाकिस्तान की इज्जत एक रुपये के बराबर है, उसी एक रुपये के बराबर जो हरीश साल्वे ने कुलभूषण जाधव मामले में बतौर फीस लिया था.

आलोक पुराणिक | @puranikalok

हैंडपंप वाले सन्नी देओल के बाद हरीश साल्वे दूसरे ऐसे भारतीय हैं, जिन्होंने ऑन स्क्रीन पाकिस्तान की इतनी पिटाई की है.

कप्तान | facebook/cartoonist.kaptan

रशीद चौधरी | @rashidc786

वे हमें क्रिकेट में नहीं हरा सकते, युद्ध में नहीं हरा सकते, वे हमें आईसीजे में भी नहीं हरा सकते और उन्हें कश्मीर चाहिए.

सुधींद्र कुलकर्णी | @SudheenKulkarni

पाकिस्तान को अपनी तरफ से विश्वास बहाली का प्रदर्शन करते हुए कुलभूषण जाधव को भारत को सौंप देना चाहिए. फिर उसके बाद सभी मुद्दों पर भारत-पाकिस्तान की बातचीत शुरू होनी चाहिए.

सौरभ पंत | @hankypanty

शरद पवार ने राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी का सोनिया गांधी का प्रस्ताव ठुकरा दिया. मुझे यह बात समझ आ गई है, दरअसल राष्ट्रपति बनने का मतलब है राजनीति से संन्यास. मैं इस पद के लिए राहुल गांधी के नाम की सिफारिश करता हूं.

हठ योगी | @surreal_humor

शरद पवार ने कांग्रेस की तरफ से राष्ट्रपति बनने का प्रस्ताव इसलिए नहीं ठुकराया कि वे ऐसा नहीं चाहते थे, दरअसल वे इसके नतीजे जानते हैं. उन्हें पता है कि सोनिया गांधी इस तरह से उन्हें ही निशाना बना रही हैं.