‘राजनीतिक बदले की कार्रवाई जैसे आरोपों से सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान नहीं रोकने वाली.’

— केशव प्रसाद मौर्य, उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री

केशव प्रसाद मौर्य ने यह बात पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आरोपों के जवाब में कही. अखिलेश यादव ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे की जांच कराने के योगी सरकार के फैसले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया था. इस पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमने संकल्प पत्र में घोषणा कर दी थी कि अगर घोटाले से जुड़ी कोई भी शिकायत आती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और उसकी रिपोर्ट पर उचित कार्रवाई की जाएगी.’ उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे की जांच शुरू करते हुए रविवार को लखनऊ से इटावा के बीच पांच जगहों पर सड़क के नमूने लिए हैं.

‘हिंदू राष्ट्र की स्थापना की सोच के साथ भाजपा कश्मीर समस्या का समाधान नहीं निकाल पाएगी.’

— मणिशंकर अय्यर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर का यह बयान केंद्र और जम्मू-कश्मीर में सत्तारुढ़ भाजपा पर निशाना साधते हुए आया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पर बीते तीन साल में कश्मीर समस्या को सुलझाने के लिए ठोस प्रयास करने में असफल रही है. मणिशंकर अय्यर ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने अब तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है, जिससे पता चल सके कि कश्मीर समस्या को सुलझाने की उसकी योजना क्या है. पूर्व केंद्रीय मंत्री का यह भी कहना था कि ‘हम कश्मीर समस्या का समाधान निकाल लेंगे’ इस समय भाजपा का पसंदीदा डायलॉग बन गया है.


‘प्रो कबड्डी लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ियों का होना उचित नहीं है.’

— विजय गोयल, केंद्रीय खेल मंत्री

विजय गोयल का यह बयान प्रो कबड्डी लीग के आगामी सत्र के लिए खिलाड़ियों की बोली में पहली बार दस पाकिस्तानी खिलाड़ियों के शामिल होने के सवाल पर आया. उन्होंने कहा, ‘पड़ोसी देश के साथ हमारे संबंध कभी भी अच्छे नहीं रहे हैं, ऐसे में उसके साथ सांस्कृतिक या खेल संबंध क्यों होना चाहिए?’ खेल मंत्री ने आगे कहा कि अगर कोई टीम पाकिस्तानी खिलाड़ियों को चुनती है तो यह सरकार के ऊपर होगा कि वह उन्हें वीजा दे या न दे. प्रो कबड्डी लीग के आगामी सत्र में टीमों को न्यूनतम दो और अधिकतम चार विदेशी खिलाड़ियों को चुनने की छूट दी गई है.


‘भारत की एनएसजी सदस्यता को लेकर चीन के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है.’

— हुआ, चुनयिंग, चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता

हुआ चुनयिंग का यह बयान परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की आगामी बैठक में भारत की सदस्यता पर विचार किए जाने के सवाल पर आया. उन्होंने कहा कि चीन परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर न करने वाले देशों को सीधे एनएसजी में शामिल न करने के अपने पुराने रुख पर कायम है. हुआ चुनयिंग ने आगे कहा कि चीन दो स्तरीय व्यवस्था के तहत गैर-एनटीपी देशों को एनएसजी में शामिल करने का समर्थन करता है. चीन का मानना है कि पहले स्तर पर उन शर्तों पर सहमति बननी चाहिए जो ऐसे देशों की सदस्यता के लिए जरूरी होंगी. और दूसरे स्तर पर सदस्यता चाहने वाले देशों को लेकर अलग-अलग चर्चा होनी चाहिए. भारत की एनएसजी सदस्यता के लिए चीन का सहमत होना जरूरी है. लेकिन, वह एनपीटी पर भारत द्वारा हस्ताक्षर न करने का मुद्दा उठाकर विरोध कर रहा है.