ऐसे समय में जब वाहनों से होने वाला पर्यावरण प्रदूषण हर शहर के लिए एक चुनौती बनता जा रहा है, महाराष्ट्र का नागपुर शहर इस माेर्चे पर पूरे देश को राह दिखाने जा रहा है. यहां केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मल्टी मॉडल इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाई है. इस परियोजना के तहत शहर के सार्वजनिक परिवहन में लगाए जाने वाले 200 इलेक्ट्रिक वाहनों को सड़कों पर उतारा गया है. साथ ही, इन वाहनों के लिए एक चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किया गया है.

ख़बरों के मुताबिक, नागपुर में शुरू हुए इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत अब शहर में इलेक्ट्रिक ऑटो और ई-रिक्शा से लेकर टैक्सी व बसें तक दौड़ती नज़र आएंगी. ये सभी 200 इलेक्ट्रिक वाहनों के दस्ते में शामिल हैं. इस दौरान गडकरी ने कहा, ‘नागपुर का इलेक्ट्रिक मॉस मोबिलिटी इकोसिस्टम देश के परिवहन व ऑटोमोबाइल परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला साबित होगा.’ उन्होंने कहा, ‘इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है. हम चाहते हैं कि देश की सड़कों पर ज़्यादा से ज़्यादा इलेक्ट्रिक बसें, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, टैक्सियां आदि दौड़ती हुई नज़र आएं. ख़ासतौर पर सार्वजनिक परिवहन के मामले में.’

शुक्रवार को हुए इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘पूरे राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के महाराष्ट्र सरकार ज़ल्द ही एक नीति ज़ारी करेगी.’ फडणवीस ने कहा, ‘राज्य में रोज़गार सृजन के लिहाज़ से यह एक बड़ा अवसर है. इन चार्जिंग स्टेशनों के ज़रिए बेरोज़गारों के लिए रोज़गार के ज़्यादा अवसर मुहैया कराए जाएंगे. इस स्टेशनों को स्थापित करने के लिए राज्य सरकार को नीति बना रही है उसमें इससे जुड़े तमाम पहलू शामिल किए जाएंगे. फिर चाहे वह ज़मीन की उपलब्ध्ता का मसला हो या फिर चार्जिंग स्टेशन के लिए सरकार की अनुमति दिए जाने का.’