भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बढ़ती बेरोजगारी के सवालों को खारिज किया है. मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर शुक्रवार को उन्होंने कहा, ‘हमने रोजगार को नए ढंग से देखने-समझने का नजरिया विकसित करने की कोशिश की है, क्योंकि 125 करोड़ की आबादी वाले देश में सभी को नौकरी देना संभव नहीं है.’ एनडीटीवी के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रोजगार सृजन की चुनौती से निपटने के लिए मोदी सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है, जिससे बीत तीन वर्षों में आठ करोड़ लोगों को लाभ मिला है.

भाजपा अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बढ़ती बेरोजगारी और रोजगार सृजन के वादे को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है. द ट्रिब्यून के मुताबिक शुक्रवार को देहरादून में कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सालाना दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन बीते तीन साल में केवल एक लाख लोगों को ही नौकरी मिल पाई है. यूपीए सरकार के समय रोजगार सृजन बेहतर होने का दावा करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि इन तीन वर्षों में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को छंटनी का शिकार होना पड़ा है.

हालांकि, विपक्ष के इन आरोपों के बावजूद शुक्रवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का कहना था कि मोदी सरकार तीन साल में वह सब हासिल करने में सफल रही है जो बीते 70 साल में नहीं हो पाया था. भाजपा अध्यक्ष का यह भी कहना था कि मोदी सरकार नीतिगत लाचारी से मुक्त पारदर्शी और निर्णायक सरकार है, जिस पर विपक्षी दल भी भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा सके हैं.