वित्तीय वर्ष 2016-17 की आखिरी तिमाही (जनवरी-मार्च) में देश की विकास दर पर नोटबंदी का बुरा असर पड़ने की खबर को आज के सभी प्रमुख अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक इस अवधि में जीडीपी में मात्र 6.1 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई. इससे पहले अक्टूबर से दिसंबर के दौरान यह आंकड़ा सात फीसदी था. इसके अलावा सिविल सेवा परीक्षा-2016 के नतीजों को भी अखबारों ने प्रमुखता से छापा है. कर्नाटक की नंदिनी केआर इस परीक्षा में अव्वल रहीं, जबकि अनमोन शेर सिंह बेदी और गोपाल कृष्ण रोनांकी ने क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया.

राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का सुझाव दिया है. यह खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. अदालत ने गोहत्या करने पर सजा को तीन साल से बढ़ाकर उम्र कैद करने का भी सुझाव दिया. इसके अलावा पशुओं के कारोबार पर केंद्र सरकार की अधिसूचना पर केरल हाईकोर्ट की टिप्पणी को भी अखबारों ने प्रमुखता से छापा है. हाईकोर्ट का कहना है कि इसमें मांस के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त या उन्हें मारने पर पूर्ण पाबंदी लगाने जैसा कुछ भी नहीं है.

लोकसभा चुनाव-2019 के लिए मोदी सरकार की तैयारी

भाजपा के साथ केंद्र सरकार में भी लोकसभा चुनाव-2019 की तैयारी शुरू हो गई है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक सभी मंत्रालयों से प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का कम से कम 90 फीसदी काम सितंबर, 2018 तक पूरा करने के लिए कहा गया है. बताया जाता है कि अगले साल दो अक्टूबर के दिन गांधी जयंती के मौके पर सरकार अपनी अहम उपलब्धियों को जनता के सामने पेश करना चाहती है. इसके अलावा भाजपा शासित राज्यों को भी केंद्रीय योजनाओं के लक्ष्य हासिल करने के लिए कहा गया है.

हत्या के लिए मवेशियों के कारोबार पर पाबंदी की वजह से चमड़ा निर्यात उद्योग पर संकट के बादल

हत्या के लिए मवेशियों की खरीद-बिक्री पर पाबंदी की वजह से चमड़ा निर्यात उद्योग पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. अमर उजाला ने निर्यातकों के हवाले से कहा है कि इसकी वजह से कच्चे माल का संकट शुरू हो गया है. एक कारोबारी के मुताबिक सरकारी पाबंदी के बाद इसकी कीमत में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी हो चुकी है. इसके अलावा निर्यातकों को ऑर्डर रद्द होने की भी आशंका सताने लगी है. बताया जाता है कि पाबंदी जारी रहने पर इसमें काम करने वाले अधिकांश लोग बेरोजगार हो सकते हैं. करीब 400 अरब रु के इस उद्योग में 25 लाख लोग काम कर रहे हैं.

संघ ने भाजपा से किसी आदिवासी या दलित को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के लिए कहा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भाजपा से राष्ट्रीय हित में किसी आदिवासी या दलित को राष्ट्रपति पद के लिए विचार करने के लिए कहा है. द एशियन एज ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक संघ और भाजपा के बीच एक मुलाकात में यह बात कही गई है. संघ की सलाह के बाद माना जा रहा है कि झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू सत्ता पक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हो सकती हैं. पार्टी का मानना है कि महिला और आदिवासी होने की वजह से विपक्ष के लिए भी उनके नाम का विरोध करना आसान नहीं होगा. एक दूसरे नाम पर पर भी चर्चा हो रही है और यह है थावरचंद गहलोत का. पिछड़े वर्ग से ताल्लुक रखने वाले गहलोत फिलहाल केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री हैं. मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 25 जुलाई को खत्म हो रहा है.

सिविल सेवा परीक्षा में जम्मू-कश्मीर के छात्रों ने रिकॉर्ड संख्या में सफलता हासिल की

सिविल सेवा परीक्षा-2016 में जम्मू-कश्मीर के 14 छात्रों ने सफलता हासिल की. अशांति से प्रभावित राज्य से पहली बार इतनी संख्या में छात्रों ने यह उपलब्धि हासिल की है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उत्तरी कश्मीर से 31 वर्षीय बिलाल मोहिदीन ने इस परीक्षा में 10वां स्थान हासिल किया है. इसके अलावा श्रीनगर स्थित दंत रोग विशेषज्ञ फकरुद्दीन और बिस्मा काजी भी सफल उम्मीदवारों में शामिल हैं. पिछले साल 12 उम्मीदवारों ने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की थी.

आज का कार्टून

केंद्रीय मंत्री उमा भारती के खिलाफ बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आरोप तय होने पर द हिंदू में प्रकाशित आज का कार्टून :