नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद जताई है. बीती तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर अप्रत्याशित रूप से 6.1 फीसदी तक गिर जाने की पृष्ठभूमि में उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले साल मार्च तक भारत की आर्थिक विकास दर के 7.5 फीसदी हो जाएगी. अरविंद पनगढ़िया ने यह भी कहा कि मई 2019 में मोदी सरकार का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही आर्थिक विकास दर आठ फीसदी हो जाएगी.
आर्थिक क्षेत्र में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि इस सरकार के समय में मुद्रास्फीति घटकर तीन प्रतिशत हो गई है और चालू खाता घाटा लगभग एक प्रतिशत के आसपास आ गया है. आर्थिक सुधारों को लेकर उनका कहना था कि इंसाल्वेंसी और बैंकरप्सी एक्ट के बाद वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) इस सरकार का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के मामले में अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि अगले कुछ महीनों में इस दिशा में सरकार के प्रयासों का असर दिखाई देने लगेगा.
अरविंद पनगढ़िया ने अगले कुछ महीनों में लागू होने वाले कार्यक्रमों की भी घोषणा की. इनमें मोदी सरकार का तीन साल का एक्शन एजेंडा और अगले 15 वर्ष की रणनीति व दृष्टिकोण को अमल में लाना शामिल है. नीति आयोग के उपाध्यक्ष का यह भी कहना था कि किसानों की आय को दोगुना करने के मोदी सरकार के लक्ष्य के तहत मंडी सुधारों पर ध्यान दिया जा रहा है.
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