पूर्व आईपीएल ​कमिश्नर ललित मोदी के बेटे रुचिर मोदी को शुक्रवार को राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. उन्हें कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ सीपी जोशी ने 14 के मुकाबले 15 वोटों से हराया. जोशी पहले भी आरसीए के अध्यक्ष रह चुके हैं. उपाध्यक्ष पद पर जोशी गुट के ही मोहम्मद इकबाल को जीत मिली है.

ललित मोदी ने पिछले सात साल से देश से फरार रहने के बावजूद आरसीए पर अपना नियंत्रण कायम रखा हुआ था. हालांकि उनके कारण ही बीसीसीआई ने आरसीए पर प्रतिबंध लगा दिया था. इस कारण राज्य में क्रिकेट गतिविधियां ठप्प पड़ी थीं. हाईकोर्ट के आदेश के बाद पिछले सोमवार को चुनाव हुए थे. आज मतगणना हुई.

आरसीए चुनाव को लेकर करीब दो माह से रस्साकशी चल रही थी. ललित मोदी अपने बेटे रुचिर मोदी के जरिए आरसीए पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहते थे. उन्होंने इसके लिए पिछले वर्ष अपने बेटे को अलवर जिला क्रिकेट संघ का अध्यक्ष बनवाया था. रुचिर तभी से जयपुर में मोदी गुट के संपर्क में थे. बताया जाता है कि दूसरी ओर सीपी जोशी नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन तक जीत की संभावनाओं को तलाशते रहे. जब उन्हें अपनी जीत का पूरा यकीन हो गया तभी उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. भाजपा भी इस खेल में उतरना चाहती थी. इसके तहत राज्यसभा सांसद हर्षव‌र्द्धन सिंह ने नामांकन दाखिल किया था, पर जीत की संभावना न होने पर उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया.

जीतने के बाद सीपी जोशी ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता बीसीसीआई द्वारा लगाए गए बैन को हटवाना होगी. उन्होंने कहा कि राज्य में फिर से आईपीएल मैच कराने के साथ ही जयपुर में बड़ा स्टेडियम बनाना उनका लक्ष्य होगा. उन्होंने बताया कि वे सबको साथ लेकर चलेंगे और राजस्थान में क्रिकेट की बेहतरी के लिए काम करेंगे.

एक वर्ग का मानना है कि सीपी जोशी की जीत के बाद आरसीए में ललित मोदी का वर्चस्व खत्म हो चुका है. हालांकि कुछ इस बात को सही नहीं मानते. उनके मुताबिक इसकी वजह यह है कि आरसीए के दो महत्वपूर्ण पदों सचिव और कोषाध्यक्ष पर आरएस नंदू और पिंकेश कुमार जैन विजयी हुए हैं जो ललित मोदी गुट के हैं.