लग्ज़री कार निर्माता कंपनी रोल्स-रॉयस ने दुनिया की अब तक की सबसे महंगी कार बनाने का दावा किया है. हालांकि कंपनी की तरफ से इसकी कीमतों का खुलासा नहीं किया गया है लेकिन बताया जा रहा है कि ‘स्वेप्टेल’ नाम की इस कार की कीमत तकरीबन 85 करोड़ रुपए हो सकती है. दिलचस्प बात यह है कि रोल्स-रॉयस ने अपनी तरह की इस इकलौती कार को किसी खास ग्राहक की मांग पर तैयार किया है. बताया जा रहा है कि यह ग्राहक रोल्स-रॉयस की 20 और 30 के दशक में आने वाली कारों से खासा प्रभावित था. यही कारण है कि रोल्स-रॉयस ने स्वेप्टेल के फ्रंट में उन्हीं कारों की तर्ज पर अपेक्षाकृत काफी बड़ी ग्रिल लगाई है. अपने इस खरीददार की जानकारी के नाम पर कंपनी ने सिर्फ इतना बताया है कि यह शख़्स लग्जरी गाड़ियों का पारखी होने के साथ उनके कलेक्शन का भी शौकीन है.

वैसे तो इस कार का हर हिस्सा बेहद खास है लेकिन इसकी चुनिंदा खूबियों की बात करें तो उनमें कांच से बनी छत सबसे खास है जिसे किसी पक्षी की आंख से दिखायी देती नाव की तरह डिजायन किया गया है. पीछे की तरफ से देखने पर भी यह कार रेस में दौड़ने वाली नौका जैसी नज़र आती है. इस कार के इंटीरियर के लिए रोल्स-रॉयस ने इसके ग्राहक के पसंदीदा पेड़ों की लकड़ी का इस्तेमाल किया है. कंपनी का कहना है कि इस कार को बनाने में पूरे चार साल का समय लगा.

इस कार के आने के साथ ही ये चर्चाएं एक बार फिर शुरु हो गयी हैं कि दुनिया की सबसे महंगी कार कौन सी है क्योंकि इस तरह की कस्टमाइज्ड कारों में लोग अपनी सुविधा के अनुसार चाहे जितना पैसा लगाते जाते हैं, और चूंकि ये गाड़ियां निजी तौर पर तैयार करवायी जाती हैं तो उनकी सही कीमतों का खुलासा नहीं हो पाता है. ऐसी ही कुछ कारों में कोइंग्सेग सीसीएक्सआर, लैंबोर्ग़िनी वेनेनो रोडस्टर शुमार हैं.

निसान माइक्रा और मित्सुबिशी पज़ेरो नए अवतार में लॉन्च हुईं

लगातार बाजार में बने रहने के दबाव के बीच निसान मोटर इंडिया ने अपनी हैचबैक कार माइक्रा का फेसलिफ्ट वैरिएंट लॉन्च कर दिया है. कंपनी के मुताबिक इस नयी कार को जापानी और यूरोपीय तकनीकों के समायोजन से तैयार किया गया है. निसान का दावा है कि अपने अपडेटेड वर्जन के साथ माइक्रा, सेगमेंट की सबसे बेहतरीन कार साबित होगी. इसकी खूबियों में ऑटोमेंटिक हैडलैंप्स, रेन-सेंसिंग वाइपर्स और लीड-मी-टू-कार (स्मार्ट फोन की मदद से पार्किंग में खड़ी कार को ढूंढना) जैसे आधुनिक फीचर्स शामिल हैं.

निसान माइक्रा
निसान माइक्रा

यह नयी कार 1.2 लीटर क्षमता के पेट्रोल और 1.5 लीटर क्षमता के डीज़ल इंजन के साथ बाजार में उतारी गयी है. जिनमें से इसका पेट्रोल वेरिएंट सीवीटी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और डीज़ल वैरिएंट 5-स्पीड मैनुअल गीयर ट्रांसमिशन के साथ उपलब्ध है. माइलेज की बात करें तो, निसान के मुताबिक यह नयी कार पेट्रोल इंजन के साथ 19.34 किमी/लीटर जबकि डीज़ल इंजन के साथ 23.08 किमी/लीटर की लुभावनी माइलेज देगा. कयासों के विपरीत निसान ने माइक्रा की कीमतों में कोई खास बदलाव न करते हुए इसके पेट्रोल वेरिएंट के लिए 5.99 लाख रुपए और डीज़ल वेरिएंट के लिए 6.62 लाख रुपए (एक्सशोरूम) कीमत तय की है.

पिछले कुछ सालों से देश में एसयूवी ग्राहकों की मांग और उनकी तादाद में बड़ा बदलाव आया है. इसे देखते हुए टोयोटा-फॉर्च्युनर और फोर्ड-एंडेवर के अपडेटेड वर्जन से लेकर टाटा की हैक्सा, आईसुजु की एमयूएक्स और फॉक्सवैगन की टिगुआन जैसी नयी गाड़ियां भारतीय बाजार में लॉन्च की गयीं. ऐसे में मित्सुबिशी भी अपनी नयी पज़ेरो स्पोर्ट्स ‘सिलेक्ट प्लस’ के साथ इस दौड़ में शामिल हो गयी है.

अपने पिछले मॉडल से अलग यह नया वेरिएंट काले रंग की रूफ और पिलर के साथ आएगा जो पज़ेरो स्पोर्ट के मौजूदा चारों डुअल टोन कलर से काफी अलग है. इसके अलावा फ्रंट ग्रिल और बंपर और व्हील आर्क के साथ इसमें दरवाजों पर भी काले रंग की ही मोल्डिंग दी गयी है, जो इसे आकर्षक बनाती है. नए फीचर्स के नाम पर कंपनी ने इस कार को क्रूज कंट्रोल, डे-टाइम रनिंग एलईडी लैंप, हाई इंटेसिटी डिस्चार्ज (एचाईडी) हैडलैंप और इलेक्ट्रिक फोल्डेबल साइड मिरर्स के साथ पिछली सीट की सवारियों के मनोरंजन के लिए अगली सीटों के हैडरेस्ट के पीछे डीवीडी प्लेयर जैसी खूबियों से नवाज़ा है.

मिश्तुबिशी पज़ेरो
मिश्तुबिशी पज़ेरो

पज़ेरो सिलेक्ट प्लस 2.5 लीटर डीज़ल की क्षमता से लैस है. जो ऑटोमैटिक और मैनुअल दोनों वैरिएंट में उपलब्ध होगी. मिश्तुबिशी ने इस नयी कार की शुरुआती कीमत 28.88 लाख रुपए (एक्स-शोरूम दिल्ली) तय की है. हालांकि फीचर और परफॉर्मेंस के मामले में पज़ेरो एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है. लेकिन इस कीमत के साथ यह कार, एंडेवर या फॉर्च्युनर जैसी बाजार में स्थापित एसयूवी खरीदने का मन बनाए कितने ग्राहकों को अपनी तरफ खींच पाएगी, कहना मुश्किल है.

महिंद्रा इलेक्ट्रिक एसयूवी लांच कर सकती है

भारत के बाजार में इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देने की सरकारी अपील के बाद देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां इस दिशा में नयी संभावनाएं देख रही हैं. जाहिर है देश को पहली इलैक्ट्रिक कार (ई2ओ) देने वाली महिंद्रा इस रेस में सबसे आगे रहना चाहेगी. बताया जा रहा है कि महिंद्रा, भारतीय कार बाजार में एक इलेक्ट्रिक एसयूवी को उतारने का मन बना रही है. कंपनी की इलेक्ट्रिक आर्म के चेयरमैन पवन गोयनका ने मीडिया को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘महिंद्रा इलेक्ट्रिक गाड़ियों में अपना भविष्य देख रही है और हाई-रेंज की इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण के लिए बड़ा निवेश करने जा रही है.’

जानकारों का कहना है कि जिस कार के बारे में महिंद्रा बात कर रही है उसे जल्द ही लॉन्च होने वाली एक्सयूवी-एयरो के नाम पर ही तैयार किया जाएगा. जिसे कंपनी ने सबसे पहले 2016 के ऑटो-एक्स्पो में प्रस्तुत किया था. विश्लेषकों की मानें तो महिंद्रा की यह इलेक्ट्रिक कार 200 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ महज 4-5 सेकंड में ही 0-60 किमी/घंटा की रफ़्तार पकड़ने और एक बार चार्ज करने पर 300 किमी तक की दूरी तय करने में सक्षम रहेगी. जानकारों के मुताबिक सब ठीक रहा तो देश की सड़कों पर जल्द ही यह इलेक्ट्रिक एसयूवी दौड़ती नज़र आएगी.

एक्सयूवी-एयरो
एक्सयूवी-एयरो

हालांकि इस सेगमेंट में सिर्फ शुरुआत कर देने भर से महिंद्रा की प्रतिस्पर्धा कम होने वाली नहीं है. क्योंकि सूत्रों का कहना है कि टाटा मोटर्स के यूरोप स्थित रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में भी इसी दिशा में जोर-शोर से तैयारी चल रही है. उनके मुताबिक टाटा मोटर्स अपनी लोकप्रिय हैचबैक टियागो का इलेक्ट्रिक वर्जन लाने की सोच रही है. इस बात की संभावना इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि टाटा ने कुछ ही समय पहले अपनी हैचबैक बोल्ट का इलेक्ट्रिक वेरिएंट यूके में पेश किया था. हालांकि बाद में उसका निर्माण नहीं किया गया. इसके पीछे जानकार कहते हैं कि बोल्ट की बजाय टियागो को मिल रही शानदार प्रतिक्रिया को देखते हुए कंपनी ने यह फैसला लिया है. ऐसे में यदि टाटा की यह मुहिम सफल रहती है तो यह टाटा की पहली इलेक्ट्रिक कार होगी.

बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ सालों के भीतर इलेक्ट्रिक कारों के विनिर्माण से जुड़ी कई बड़ी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है. इनमें सिर्फ लोकल मैन्यूफैक्चर्स ही शामिल नहीं होंगे. हाल ही में अमेरिका की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला को सरकार की तरफ से यहां आने के लिए मिली हरी झंडी ने इस संभावना को बढ़ा दिया है.