चुनाव आयोग द्वारा आयोजित हैकाथॉन (हैकिंग चैलेंज) में कोई भी सफल नहीं हो पाया. खबर के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘ईवीएम हैक करने की चुनौती में शामिल एनसीपी और सीपीएम का इरादा ईवीएम हैक करना नहीं था. वे केवल इसकी प्रक्रिया समझना चाहते थे.’ नसीम जैदी ने आगे बताया कि सीपीएम ने ईवीएम पर अपनी संतुष्टि जाहिर करने के साथ इस तरह के प्रदर्शन और जागरूकता सत्र को लगातार चलाने की सिफारिश की.

नसीम जैदी ने एनसीपी द्वारा महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर एनसीपी के आरोप पर कहा कि इन चुनाव को राज्य चुनाव आयोग द्वारा संपन्न कराया जाता है और इनका भारतीय चुनाव आयोग से कोई संबंध नहीं है. पार्टी ने निकाय चुनाव में इस्तेमाल की गई ईवीएम पर सवाल उठाए थे. बताया जाता है कि एनसीपी ने आयोग से ऐसी व्यवस्था लाने की मांग की जिससे दोनों संस्थाओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वोटिंग मशीनों की पहचान की जा सके.

इस साल पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद बसपा और आम आदमी पार्टी (आप) सहित कई दलों ने ईवीएम पर सवाल उठाए थे. उनका कहना था कि इन मशीनों से छेड़छाड़ की गई है. इसके बाद आयोग ने इस हैकॉथान का आयोजन किया था. इसके लिए सात राष्ट्रीय और 49 क्षेत्रीय दलों को बुलावा भेजा गया था. इनमें एनसीपी और सीपीएम को छोड़कर किसी भी दल ने अपने प्रतिनिधि नहीं भेजे. ईवीएम पर आक्रामक रूख अपनाने वाली ‘आप’ ने अलग से एक हैकाथॉन का ऐलान किया है.