एनडीटीवी के सह-संस्थापक प्रणय रॉय के ठिकानों पर सोमवार को सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने छापामारी की है. सीबीआई के प्रवक्ता आरके गौर ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है. गौर ने सत्याग्रह की सहयोगी वेबसाइट स्क्रोल को बताया, ‘सीबीआई ने प्रणय रॉय, उनकी पत्नी राधिका, एक निज़ी कंपनी और अन्य के ख़िलाफ मामला दर्ज किया है. इन पर एक बैंक से कर्ज़ लेकर उसे न चुकाने का आरोप है. इसी मामले में रॉय के दिल्ली और देहरादून स्थित चार ठिकानों पर छापे मारे गए हैं.’

इस सिलसिले में इंडियन एक्सप्रेस ने बताया है कि मामला आईसीआई बैंक से लिए गए 48 करोड़ रुपए के कर्ज़ से जुड़ा है. एफआईआर में जिस निज़ी कंपनी का उल्लेख है उसका नाम आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड है जिसके लिए यह कर्ज़ लिया गया था. बताते चलें कि प्रणब और राधिका ने 1998 में एनडीटीवी की स्थापना की थी.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एनडीटीवी की ओर से ज़ारी बयान में कहा गया है, ‘कुछ पुराने, अंतहीन, झूठे आरोपों के आधार पर एनडीटीवी और उसके प्रमोटरों को प्रताड़ित करने की प्रक्रिया में आज सुबह सीबीआई भी शामिल हो गई. लेकिन विभिन्न एजेंसियों की इस प्रताड़ना के ख़िलाफ एनडीटीवी और उसके प्रमोटर अपना अथक संघर्ष ज़ारी रखेंगे. हम लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर चोट करने वाली ऐसी कोशिशों के आगे हथियार नहीं डालेंगे. वे लोग जो इस देश की तमाम संस्थाओं को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं उनके लिए हमारा एक ही संदेश है- हम अपने देश के लिए संघर्ष करते रहेंगे. हम ऐसी ताक़तों पर जीत हासिल करेंगे.’

आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा एनडीटीवी से जुड़े मामलों की पहले ही जांच की जा रही है. ईडी ने 2015 में एनडीटीवी को नोटिस जारी किया था. इसमें कहा गया था कि कंपनी में किए गए 2,030 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश में नियमों का उल्लंघन किया गया है. इसके अगले साल आयकर विभाग ने एनडीटीवी को नोटिस ज़ारी किया. इसमें 2009-10 में हुए करीब 500 करोड़ रुपए के लेन-देन में कर चोरी का आरोप लगाया गया था. अब जांच की इस प्रक्रिया में सीबीआई भी शामिल हो गई है.