बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 12वीं के परीक्षा परिणामों और टॉपर को लेकर जुड़े विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है. इंडिया टुडे के मुताबिक उन्होंने इस विवाद के पीछे कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया है. सोमवार को पटना में नीतीश कुमार ने कहा, ‘कुछ बिहारी हमारी छवि खराब कर रहे हैं.’ लगातार दूसरे साल परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘ऐसे मामलों की जांच कराने और उस पर कार्रवाई करने के लिए बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड जिम्मेदार है. यह कहना गलत है कि हमने गलत कार्यों से जुड़ी रिपोर्ट को दबाए रखा.’

बिहार में इस साल 12वीं के बोर्ड के नतीजों में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन बहुत कमजोर रहा है. इसके बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह नकल के खिलाफ उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का असर है. इस बार 12वीं की परीक्षा देने वाले 64.75 फीसदी छात्र फेल हो गए हैं. उन्होंने बिहार को लेकर मीडिया पर पक्षपात करने का भी आरोप लगाया. नीतीश कुमार ने कहा कि तमिलनाडु की एक भर्ती परीक्षा में हरियाणा के लड़के टॉप कर गए जिसकी जांच अब सीबीआई कर रही है, लेकिन मीडिया में इसकी चर्चा नहीं है.

उधर, बिहार के शिक्षा विभाग ने लगातार दूसरे साल कला वर्ग के टॉपर का परीक्षा परिणाम निरस्त कर दिया है. शिक्षा विभाग की शिकायत पर पुलिस ने इस बार के टॉपर गणेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. उन पर दाखिले के समय जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करने का आरोप है. पिछले साल भी शिक्षा विभाग ने कला वर्ग की टॉपर रूबी राय का परिणाम रद्द कर दिया था. इस मामले में पुलिस ने रूबी राय सहित 21 लोगों को गिरफ्तार किया था.