चीन ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के हेलीकॉप्टरों की भारतीय हवाई सीमा में घुसपैठ को सही ठहराया है. डेक्कन हेरल्ड के मुताबिक चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने उत्तराखंड के चमोली जिले में चीनी सेना के हेलिकॉप्टरों के आने को अपने इलाके में नियमित गश्त का हिस्सा बताया. उनका कहना था, ‘भारत और चीन के बीच पूर्वी सीमा पर विवाद है. यहां चीनी सेना अहम इलाकों में नियमित गश्त करती रहती है.’

रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को चीनी सेना के दो हेलिकॉप्टर चमोली जिले के बाराहोती में भारतीय सीमा के भीतर चले आए थे. इस साल मार्च के बाद यह चौथा मौका है जब चीनी सेना के हेलिकॉप्टरों ने भारतीय सीमा का उल्लंघन किया है. इस घटना ने सीमा सुरक्षा से जुड़े संगठनों की चिंता बढ़ा दी है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना के दोनों हेलिकॉप्टर पांच मिनट के बाद ही अपने क्षेत्र में वापस लौट गए थे. अधिकारियों का यह भी कहना है कि यह चीनी सेना का भारतीय सैनिकों की फोटोग्राफी करने वाला टोही मिशन हो सकता है. भारतीय वायु सेना ने इसकी जांच शुरू कर दी है. पिछले मौकों पर चीनी सेना के हेलिकॉप्टर भारतीय क्षेत्र में 4.5 किमी अंदर तक घुस आए थे.

उत्तराखंड की बाराहोती सीमा चौकी इस इलाके में बनी तीन सीमा चौकियों में से एक है. यहां बगैर हथियार इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के जवान तैनात होते हैं. यह एकतरफा फैसला जून 2000 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने लिया था. इससे पहले 1958 में भारत और चीन ने 80 वर्ग किमी में फैले इस इलाके को विवादित क्षेत्र माना था, जहां दोनों पक्षों के सैनिकों को हथियार ले जाने की इजाजत नहीं थी. लेकिन, 1962 के युद्द के बाद भारतीय सैनिकों ने बंदूक की बैरल नीचे करके यहां गश्त करना शुरू कर दिया था. हालांकि, सीमा विवाद सुलझाने की बातचीत के तहत जून 2000 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने बाराहोती, कौरिल और हिमाचल प्रदेश के शिपकी में भारतीय जवानों को बगैर हथियार सादे कपड़ों में तैनात करने का फैसला किया था.