केंद्र सरकार वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) को एक जुलाई से लागू करने के फैसले को लेकर कोई चूक नहीं करना चाहती. यही वजह है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएससी को लागू करने संबंधी तैयारियों का जायजा लिया है. सोमवार को प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली और कैबिनेट सचिव के अलावा वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी से जुड़ी सूचना तकनीक व्यवस्था, मानव संसाधन, प्रशिक्षण, शिकायत दूर करने की व्यवस्था, निगरानी और अधिकारियों को संवेदनशीन बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की. बैठक में अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने के सारे इंतजाम समय पर पूरे हो जाएंगे.

बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी को सभी हितधारकों के साझा प्रयासों का परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का लागू होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अहम मोड़ साबित होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि जीएसटी के जरिए बनने वाली ‘एक देश, एक बाजार, एक कर’ प्रणाली से आम आदमी का फायदा होगा. प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को जीएसटी से जुड़े आईटी सिस्टम्स की सुरक्षा पर सबसे ज्यादा ध्यान देने का निर्देश भी दिया.

बीते शनिवार को आयोजित जीएसटी परिषद की 15वीं बैठक में सभी राज्यों ने इसे एक जुलाई से लागू करने पर सहमति जताई है. इसके अलावा वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली यह परिषद अब तक ज्यादातर सेवाओं और उत्पादों पर टैक्स की दरों को भी तय कर चुकी है. कुछ बकाया मुद्दों पर फैसला करने के लिए इसकी अगली बैठक 11 जून को होगी.