अंतरिक्ष में भारत ने एक और बड़ी छलांग लगाई है. सोमवार को इसरो ने अपना अब तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट लॉन्च किया. जीएसएलवी मार्क 3 नाम का ये रॉकेट अब तक के सबसे वजनी संचार उपग्रह जीसैट-19 को लेकर गया. यह अकेला ही पुराने 6-7 संचार उपग्रहों की बराबरी कर सकता है. जीसैट 19 की एक खूबी यह भी है कि इसमें कोई ट्रांसपॉन्डर नहीं है. इसमें मल्टीपल फ्रीक्वेंसी बीम के जरिए डाटा को डाउनलिंक किया जाएगा.

उधर, जीएसएलवी मार्क 3 की खास बात यह है कि इसमें देश में ही विकसित क्रायोजेनिक इंजन लगा है. इस रॉकेट की कामयाबी के बाद अब भारत 2300 किलोग्राम से अधिक वजन के संचार उपग्रहों को खुद ही अंतरिक्ष में भेज सकता है. अब तक इसरो को इसके लिए विदेशी लॉन्‍चरों पर निर्भर रहना पड़ता था. इस रॉकेट की कामयाबी ने भविष्य में भारत द्वारा अंतरिक्ष यात्री भेजे जाने की राह भी आसान कर दी है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों को इस सफलता के लिए बधाई दी है.