देश भर के पशु बाजारों में मांस के लिए मवेशियों की बिक्री पर रोक लगाने वाले केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में मेघालय भाजपा के एक और नेता ने इस्तीफा दे दिया है. राज्य की उत्तरी गारो हिल्स जिला इकाई के अध्यक्ष बाचू मारक ने इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया कि पार्टी राज्य के स्थानीय लोगों पर ग़ैर-धर्मनिरपेक्ष विचारधारा थोपने की कोशिश कर रही है.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बाचू ने कहा है कि एक ज़िम्मेदार नेता होने के नाते वे लोगों काे ग़ुमराह नहीं कर सकते. उनका कहना है, ‘न ही मैं उन लोगों (भाजपा) को हमारे ऊपर ग़ैर-धर्मनिरपेक्ष विचारधारा थोपने की इजाज़त दे सकता हूं. गोमांस खान-पान से जुड़ी हमारी संस्कृति का हिस्सा है. कोई भी सरकार लोगों की खाने-पीने की आदतों पर रोक-टोक नहीं लगा सकती. जिस वक्त ऐसी रोक-टोक लगाने की कोशिश की जाएगी पार्टी लोगों का भरोसा खो देगी.’ अभी चार दिन पहले ही इसी राज्य की पश्चिमी गारो हिल्स जिला इकाई के अध्यक्ष बर्नार्ड मारक ने भी इसी तरह के आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया था.

हालांकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शिबुन लिंगदोह ने मारक के दावों को ख़ारिज किया है. उन्हाेंने कहा, ‘वे (बाचू) इस तरह के बयान देकर लोगों को ग़ुमराह कर रहे हैं. लोगों पर असंवैधानिक मापदंड थोपने का पार्टी का कोई इरादा नहीं है. इसके बज़ाय मोदी सरकार तो देश में बहुआयामी विकास सुनिश्चित करने का इरादा रखती है.’ उधर भाजपा के मेघालय के प्रभारी नलिन कोहली ने मारक के इस्तीफे का स्वागत किया है. उनकी ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘हम इसका स्वागत करते हैं. वैसे भी उनके ख़िलाफ कार्रवाई होने ही वाली थी. वे काफी समय से पार्टी के ख़िलाफ काम कर रहे थे.’