भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए इसे एक और उपलब्धि माना जा सकता है. एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के मुताबिक देश के तीन संस्थान पहली बार दुनिया के शीर्ष दो सौ विश्वद्यालयों में जगह बनाने में कामयाब हुए हैं. क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2018 के अनुसार आईआईटी दिल्ली ने भारतीय विज्ञान संस्थान को पछाड़कर देश के सभी संस्थानों में पहला स्थान हासिल किया है. उसे इस बार 159वीं रैंक मिली है. वहीं आईआईटी बॉम्बे ने अपनी रैंकिंग सुधारते हुए पहली बार इस सूची में स्थान बनाया है. उसकी रैंकिंग अब 219 से सुधरकर 179 हो गई है. लेकिन इसके साथ ही बेंगलुरु का भारतीय विज्ञान संस्थान, जो इस रैंकिंग में भारतीय संस्थानों के लिहाज से पहले स्थान पर आता रहा है, की रैंकिंग 152 से खिसककर 190 रह गई है.

अमेरिका के मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) को इस सूची में दुनिया का सबसे बढ़िया संस्थान आंका गया है. एमआईटी इस सूची में पिछले छह सालों से लगातार शीर्ष पर बना हुआ है. वहीं अमेरिका के ही दो अन्य संस्थानों स्टैनफोर्ड और हॉवर्ड विश्वविद्यालय को क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान हासिल हुआ है. क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2004 से हर साल जारी की जा रही है.

इस साल दुनिया के शीर्ष 959 विश्वविद्यालयों में भारत के 20 संस्थान शामिल किए गए हैं. पिछले साल इस सूची में देश के केवल 14 संस्थान ही शामिल थे. इस सूची में दिल्ली विश्वविद्यालय पहली बार विश्व के शीर्ष 500 संस्थानों में अपना स्थान बना पाने में सफल हुआ है. वहीं बीएचयू, पंजाब विश्वविद्यालय और पुणे विश्वविद्यालय को भी सूची में जगह मिली है. जादवपुर विश्वविद्यालय, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय, अन्ना विश्वविद्यालय, मणिपाल विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्ल‍िम विश्वविद्यालय और बिट्स, पिलानी पहली बार इस सूची में शामिल हो पाए हैं.