केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इन आरोपों को खारिज किया है कि हत्या के लिए मवेशियों के कारोबार पर रोक लगाने वाली केंद्र की हालिया अधिसूचना से पूर्वोत्तर के लोगों को दिक्कत हो रही है. खबर के मुताबिक गृह राज्य मंत्री ने कहा, ‘उत्तर-पूर्व में यह कोई मुद्दा नहीं है. हर कोई अपनी पसंद की चीजें खा रहा है. किसी तरह की झड़प या गिरफ्तारी नहीं हुई है.’ उन्होंने कुछ जगहों पर इस मुद्दे को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को राजनीति करार दिया.

बीते महीने केंद्र सरकार ने वध के लिए पशु बाजारों में मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसके बाद खबरें आई थीं कि मेघालय में भाजपा के दो नेताओं ने इस मुद्दे पर इस्तीफा दे दिया है. अरुणाचल प्रदेश से सांसद किरण रिजिजू ने कांग्रेस और ‘छद्म सेकुलर’ समूहों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ये लोग बेकार का मुद्दा उठा रहे हैं. इनके पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए इसे मुद्दा बना रहे हैं.’ केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों से भी उत्तर-पूर्व के राज्यों का दौरा कर यह देखने के लिए कहा कि क्या किसी को इस अधिसूचना की वजह से समस्या हो रही है.

किरण रिजिजू ने मेघालय में दो नेताओं के पार्टी छोड़ने को इस अधिसूचना से जोड़कर देखने से इनकार किया. उन्होंने कहा, ‘केवल कांग्रेस इसका विरोध कर रही है और किसी व्यक्ति के इस्तीफे को एक मुद्दा बना रही है.’ इससे पहले मेघालय में पार्टी प्रभारी नलिन कोहली ने भी छह जून को कहा था कि कांग्रेस यह झूठ फैला रही है कि भाजपा मेघालय में गोमांस पर पाबंदी लगाना चाहती है.’